देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के सार्वजनिक आचरण, भाषा शैली, सभ्यता और संस्कारों पर सवाल खड़े करते हुए उनके व्यवहार को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक और गरिमामयी पद पर बैठे व्यक्ति से संयम और मर्यादा की अपेक्षा की जाती है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष ने जिस प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
कैबिनेट मंत्री आर्या ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बिना किसी साक्ष्य के जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिस प्रशासन पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। वहीं कटाक्ष किया कि जनता देख रही है। आरोप लगाया कि सत्ता पाने की लालसा में बौखलाए कांग्रेस नेताओं की तरह नेता प्रतिपक्ष ने भी अपनी संवैधानिक पद की गरिमा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। जनता ने उनकी और कांग्रेस की इसी नकारात्मक सोच और भाषा शैली के कारण उन्हें नकारा है।
उनके द्वारा एसएसपी कार्यालय जैसे संवेदनशील और कानून-व्यवस्था के केंद्र में जाकर अराजकता फैलाना, गाली-गलौज करना और तोड़-फोड़ पर उतारू होना कतई स्वीकार्य नहीं किया जा सकता। कांग्रेस नेताओं का कार्यालय में जबरन घुसकर अमर्यादित व्यवहार करना और गुंडागर्दी करना उनके राजनीतिक व व्यक्तिगत संस्कारों को दर्शाता है।
आर्या ने कहा कि जब कानून-व्यवस्था के रखवालों के कार्यालय में इस प्रकार का अमर्यादित व्यवहार किया जा सकता है, तो प्रदेश की जनता यह भली-भांति समझ सकती है कि ऐसे नेताओं से भविष्य में क्या उम्मीद की जा सकती है। नेता प्रतिपक्ष द्वारा अपने पद की गरिमा और मर्यादा के खिलाफ किए आचरण की जितनी निंदा की जाए वो कम है।
