उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है. एक ओर मसूरी-देहरादून मार्ग पर लगातार भूस्खलन से सड़क व्यवस्था प्रभावित है, वहीं नैनीताल में उफनाते नालों का पानी और मलबा मॉल रोड तक पहुंच गया है. दोनों ही जगह प्रशासन और संबंधित विभाग राहत एवं यातायात बहाल करने में जुटे हैं.
मसूरी-देहरादून मार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन के बीच लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर ने बताया कि गलोगी के पास सड़क पर गिरे बड़े-बड़े बोल्डरों को विभाग की टीम ने दो जेसीबी मशीनों की मदद से हटाकर रास्ता साफ किया. भूस्खलन प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि यातायात को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके.
लैंडस्लाइड से सड़कें बंद
चीफ इंजीनियर के अनुसार, पानी वाले बैंड के पास भूस्खलन के कारण सड़क का महज करीब 2.5 मीटर हिस्सा ही सुरक्षित बचा था. ऐसे में पहाड़ की कटिंग कर सड़क को चौड़ा किया गया है. फिलहाल मार्ग को भारी वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू बनाने का काम जारी है. अधिकारियों का कहना है कि बारिश के चलते पहाड़ों से मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है, इसलिए यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत है.
वहीं, मार्ग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए उत्तराखंड के लैंडस्लाइड मिटिगेशन सेंटर की मदद ली जा रही है. प्रभावित क्षेत्रों में टोपोग्राफिकल सर्वे और सॉयल टेस्टिंग कराई जा चुकी है. विभाग के मुताबिक करीब 15 से 20 दिनों में रिपोर्ट और स्थायी उपचार का खाका तैयार होने की उम्मीद है. इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर भूस्खलन प्रभावित स्थानों पर स्थायी समाधान का काम शुरू किया जाएगा. जहां जरूरत होगी, वहां वन विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा.
नैनीताल में नाले उफान पर
दूसरी ओर, नैनीताल में लगातार बारिश ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं. शहर की धमनियां कहे जाने वाले नाले उफान पर हैं और उनमें बहकर आने वाला पानी व मलबा मॉल रोड तक पहुंच गया है. भारी बारिश के दौरान नालों से बड़ी मात्रा में मलबा बहकर दुकानों और सड़क तक पहुंचने से लोगों में चिंता बढ़ गई है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालों की समय पर और उचित सफाई नहीं होने के कारण उनमें पहले से मलबा जमा था. तेज बारिश के दौरान यही मलबा पानी के साथ बहकर मॉल रोड और आसपास के इलाकों तक पहुंच गया. लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी मात्रा में मलबा नैनी झील में भी समा गया है, जिससे झील और शहर दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है.
अलर्ट मोड पर प्रशासन
प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं. बरसात के अभी कई दिन बाकी होने के कारण शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर है. मसूरी-देहरादून मार्ग और नैनीताल में लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें.
