पंजाब में विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी DA समेत अपनी अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर उतर आए हैं. जिससे राज्य में बड़े स्तर पर सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है. बता दें कि कर्मचारियों की इस हड़ताल में पेंशनर भी शामिल हैं. वहीं इस बीच हड़ताली कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सख्त बयान जारी किया है. सीएम मान ने दो टूक कहा है कि बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकती है. हड़ताल खत्म होने के बाद ही बातचीत होगी और दूसरा कोई विकल्प नहीं है.
दरअसल सीएम भगवंत मान ने सोशल मीडिया के X प्लेटफार्म पर बयान जारी किया. उन्होंने लिखा, ”कर्मचारी हमारे परिवार का एक अहम हिस्सा हैं और हम उनकी हर सही और जायज बात सुनने के लिए तैयार हैं, लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकती, सरकार हर मुद्दे का हल निकालने के लिए कमिटेड है, लेकिन बातचीत तभी होगी जब हड़ताल खत्म होगी…” मतलब सीएम मान ने स्पष्ट तौर से हड़ताल पर गए कर्मचारियों को यह संदेश दे दिया है कि सरकार उनकी बात सुनेगी लेकिन हड़ताल के दबाव में नहीं. क्योंकि इससे कामकाज पर असर पड़ रहा है, लोगों को परेशानी हो रही है.
इधर हड़ताल पर गए कर्मचारियों के बीच उनकी मांगों पर सरकार के रवैये से काफी नाराजगी दिख रही है. हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि पिछले लम्बे समय से वह उनकी मांगों को सरकार से पूरा करने की मांग कर रहे हैं. लेकिन सरकार की ओर से इस सम्बन्ध में कोई कदम नहीं उठाया गया. हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो धरना प्रदर्शन और तेज किया जाएगा. क्योंकि उनकी मांगे जायज हैं.
