देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 की तैयारियों को गति देने के लिए निर्वाचन आयोग ने आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों, कार्यालयों और उपक्रमों के साथ बैठक की. शुक्रवार को सचिवालय में हुई बैठक में चुनाव के दौरान आवश्यक सेवाओं में तैनात रहने वाले कर्मियों की पहचान, उनकी सूची तैयार करने और उन्हें डाक मतपत्र के जरिए मतदान की सुविधा दिए जाने संबंधी तैयारियों पर चर्चा किया गया.
इसके लिए अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आने वाले कार्मिकों की सूची यथाशीघ्र तैयार कर निर्वाचन विभाग को उपलब्ध कराए जाए. दरअसल, ये सूची उन कर्मचारियों की होगी, जो मतदान दिवस पर ड्यूटी के चलते अपने मतदान केंद्र पर जाकर वोट डालने में असमर्थ रहेंगे. ऐसे कर्मियों को डाक मत पत्र के जरिए मतदान का अवसर दिया जाएगा, ताकि उनका मतदान अधिकार सुरक्षित रहे और कोई भी कर्मचारी ड्यूटी की वजह से वोट देने से वंचित न रहे.
वही, बैठक के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगदंडे ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सभी हितधारकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. विशेष रूप से पुलिस, स्वास्थ्य, बिजली, जल संस्थान, सड़क, परिवहन, दूरसंचार, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी चुनाव के दिन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं. ऐसी स्थिति में उनके मतदान के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करना निर्वाचन व्यवस्था की प्राथमिकता है. इसके लिए प्रत्येक विभाग को अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले योग्य कर्मियों की सटीक और प्रमाणित सूची तैयार करनी होगी.
नोडल अधिकारी के रूप में तैनात होगे वरिष्ठ अधिकारी: अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मुख्यालय स्तर पर एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया जाए, ये अधिकारी अपने विभाग में डाक मतपत्र से मतदान करने वाले कर्मियों से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का समन्वय करेगा. उनकी जिम्मेदारी होगी कि सूची समय पर तैयार हो, कर्मियों का विवरण सही हो और डाक मतपत्र से जुड़ी औपचारिकताएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं.
साथ ही बैठक में बताया गया कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदान में कर्मचारियों की शत प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना है. निर्वाचन आयोग का मानना है कि जब तक ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को मतदान का अवसर नहीं मिलेगा, तब तक मतदान दर और सहभागिता का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता. यही वजह है कि आवश्यक सेवाओं में कार्यरत प्रत्येक पात्र कर्मचारी को डाक मतपत्र का लाभ मिले, इस पर ध्यान दिया जाएगा.
बैठक में विभागों को कहा गया है कि सूची तैयार करते समय कर्मचारी का नाम, पदनाम, कार्यालय, मतदाता क्रमांक, मतदान केंद्र और संपर्क विवरण जैसी जानकारी सही-सही दर्ज की जाए. इससे डाक मतपत्र आवंटन और मतदान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता से बचा जा सकेगा. साथ ही विभागों को निर्देश दिया गया कि कर्मचारियों को समय पर जानकारी दी जाए, ताकि वे आवश्यक दस्तावेज तैयार रख सकें और निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर सकें.
