संभल : जिले में समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है. प्रशासन की ओर से बुधवार को उनके मकान पर अवैध निर्माण का नोटिस चस्पा कर दिया गया है. मकान पर अवैध निर्माण गिराये जाने की चेतावनी दी गई है.
एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद अयूब के खिलाफ 22 जून 2022 को अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी किया गया था. इसके बाद संबंधित अधिकारी के समक्ष मुकदमा चला. 5 फरवरी 2026 को अवैध निर्माण को गिराए जाने का आदेश पारित किया गया.
उन्होंने बताया कि इसके बाद दोनों की ओर से जिलाधिकारी के समक्ष अपील की गई, जिसे 11 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया गया. एसडीएम ने बताया कि तीन मंजिला मकान का निर्माण बिना नक्शा पास कराए किया गया था और इसे अवैध घोषित किया गया है.
उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से मकान को 15 दिन के अंदर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं. निर्धारित समय में मकान खाली नहीं करने पर प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. यह मकान डेरा सराय मोहल्ले में स्थित है. उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण के खिलाफ की गई अपील भी खारिज हो चुकी है.
संभल SDM विकास चंद्र के आदेश के मुताबिक, अवर अभियंता, विनियमित क्षेत्र संभल की 20 जून 2022 की रिपोर्ट के आधार पर 22 जून 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी कर वाद दर्ज किया गया था. सुनवाई के बाद 5 फरवरी 2026 को निर्माण को अवैध घोषित करते हुए उत्तर प्रदेश निर्माण विनियमन अधिनियम, 1958 की धारा 10 के तहत इसे गिराने का आदेश दिया गया.
इसके खिलाफ 17 मार्च 2026 को जिलाधिकारी संभल के न्यायालय में अपील दाखिल की गई. लेकिन अब 11 अगस्त 2026 के आदेश में जिलाधिकारी न्यायालय ने अपील खारिज कर दी और अवैध निर्माण को गिराने के पुराने आदेश को बरकरार रखा.
आदेश में साफ कहा गया है कि तय समय में निर्माण नहीं गिराया गया तो नियत प्राधिकारी खुद इसे ध्वस्त करा सकता है और ध्वस्तीकरण में आने वाला खर्च भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूल किया जाएगा
