
पंजाब सरकार ने राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को कोर विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि नई व्यवस्था गुरुवार से लागू होगी और अगले 15 दिनों के भीतर सभी छात्रों तक नई पाठ्यपुस्तकें पहुंचा दी जाएंगी। सरकार का उद्देश्य बच्चों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना और उन्हें वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाना है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि दुनिया के कई विकसित देशों में स्कूल स्तर पर AI शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के छात्र पहले से ही आधुनिक तकनीकों की पढ़ाई कर रहे हैं और अब पंजाब के विद्यार्थियों को भी उसी स्तर की शिक्षा देने की तैयारी की गई है। सरकार का दावा है कि यह पहल राज्य के छात्रों को डिजिटल युग की नई चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करेगी।
नई व्यवस्था के तहत AI पाठ्यक्रम को हर छह महीने में अपडेट किया जाएगा, ताकि तकनीक में होने वाले नए बदलावों को समय-समय पर पढ़ाई में शामिल किया जा सके। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए लाइव ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा उपलब्ध होगी और शिक्षकों को भी नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे नई तकनीक को बेहतर तरीके से छात्रों तक पहुंचा सकें। कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को AI के सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। वहीं छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों को फाउंडेशन AI, मशीन लर्निंग की प्रारंभिक समझ, AI स्किल्स, इनोवेशन स्किल्स और तकनीक के व्यावहारिक उपयोग से जुड़ी शिक्षा दी जाएगी। कोर्स पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई और रोजगार के अवसरों में लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में मौजूद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि AI के दौर में केवल किताबें रटने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों में सवाल पूछने, नई चीजों को समझने और तार्किक सोच विकसित करने की क्षमता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि AI तकनीक का उपयोग परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर रोक लगाने के लिए भी किया जा सकता है। हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि आने वाले वर्षों में AI कई क्षेत्रों में रोजगार का स्वरूप बदल देगा। कुछ पारंपरिक नौकरियां प्रभावित होंगी, लेकिन नई तकनीकी नौकरियों और स्टार्टअप के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए लगातार शिक्षा क्षेत्र में सुधार कर रही है और राज्य को AI शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
