मंडी। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा संसदीय क्षेत्र को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने के बाद अब मंडी संसदीय क्षेत्र को मंत्रिमंडल में जगह मिलना लगभग तय माना जा रहा है। कुल्लू सदर से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर की ताजपोशी का रास्ता लगभग साफ हो गया है। विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भी संकेत दिए थे कि मंडी संसदीय क्षेत्र को मंत्रिमंडल में दूसरा प्रतिनिधित्व मिलेगा।
राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मंडी
मंडी संसदीय क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां के 17 विधानसभा क्षेत्रों में से वर्तमान में पांच पर कांग्रेस और 12 पर भाजपा काबिज है। ऐसे में संगठनात्मक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व मंडी संसदीय क्षेत्र को मंत्रिमंडल में और सशक्त बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
…तो सुंदर का दावा मजबूत
सुंदर सिंह ठाकुर का नाम काफी समय से संभावित मंत्रियों की सूची में चर्चा में रहा है। संगठन में सक्रिय भूमिका और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से उनका दावा मजबूत माना जा रहा है। सुंदर सिंह ठाकुर को सरकार में मुख्य संसदीय सचिव का दर्जा मिला था। हाई कोर्ट के निर्णय के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा था।
मंडी संसदीय क्षेत्र में भाजपा का दबदबा होने के बावजूद कांग्रेस यहां संगठन को मजबूती देना चाहती है। ऐसे में मंत्री पद देकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की रणनीति अपनाई जा सकती है।
मंत्री को राज्यसभा भेजने की अटकलों पर लगा विराम
राज्यसभा में किसी मंत्री को भेजने की अटकलें भी कई दिन से चल रही थी। कांगड़ा जिला कांग्रेस के अध्यक्ष अनुराग शर्मा के नाम पर मुहर लगने के बाद अब इन अटकलों पर विराम लग गया है। मंडी संसदीय क्षेत्र को हर सरकार में तीन से चार मंत्री पद मिलते रहे हैं। वर्तमान सरकार में अभी किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी को ही मंत्री पद मिला है। राज्यसभा की चिंता दूर होने के बाद अब जल्द ही मंत्रिमंडल में रिक्त एक स्थान को भरा जा सकता है।
