
NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के लगातार जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले करीब ढाई महीनों के दौरान जांच एजेंसियों ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। विभिन्न राज्यों में जांच जारी है और पूरे नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रधानमंत्री ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े सुधारों का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सरकार तकनीकी निगरानी, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही बढ़ाने जैसे कई कदमों पर तेजी से काम कर रही है ताकि छात्रों का विश्वास मजबूत हो सके।
उन्होंने बताया कि पेपर लीक के मामलों में जल्द न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही कड़े एंटी-पेपर लीक कानून का मसौदा भी तैयार किया जा चुका है, जिसे संसद में पेश करने की तैयारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए कानूनी प्रावधान लागू होने के बाद पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई तेज होगी और दोषियों को समयबद्ध तरीके से सख्त सजा मिल सकेगी। उन्होंने छात्रों से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखने और सरकार पर भरोसा बनाए रखने की अपील भी की।
