छौहारा विकास खंड की ग्राम पंचायत तांगणू-जांगलिख में वृद्धावस्था पेंशन से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में पंचायत से जारी परिवार रजिस्टर की नकल, तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय से पेंशन की सिफारिश और पात्रता से जुड़े दस्तावेजों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव की भूमिका भी संदेह के दायरे में बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह मामला मीडिया में उजागर होने के बाद सरकार ने भी इसे गंभीरता से लिया है। खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद निदेशक ई-सोमसा ने जिला कल्याण अधिकारी को तय समय सीमा के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि पेंशन स्वीकृति के लिए पंचायत से जारी परिवार रजिस्टर की नकल किस आधार पर तैयार की गई और क्या लाभार्थियों की पात्रता का सही सत्यापन किया गया था या नहीं। विभागीय अधिकारियों की ओर रिकॉर्ड खंगाले जा रहे और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा रही है।
यदि दस्तावेजों में हेराफेरी या नियमों की अनदेखी प्रमाणित होती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मामले में एक-दो दिन के भीतर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज होने की भी संभावना जताई जा रही है। फिलहाल इस मामले की जानकारी जारी है। मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग में भी हड़कंप मचा है। कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
मामले का पता चलने के बाद जिला कल्याण अधिकारी को तांगणू जंगलिख पंचायत में पेंशन अनियमितताओं की जांच के निर्देश दिए गए है। जांच के बाद सरकार की ओर से नियामानुसार कार्रवाई की जा रही है। –सुमित खिमटा, निदेशक, ई-सोमसा
