शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के तहत गुरुवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही प्रत्याशियों में खासा उत्साह देखने को मिला। पहले ही दिन पूरे प्रदेश में कुल 16,891 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जो चुनावी माहौल की गंभीरता और सक्रियता को दर्शाता है।
आयोग द्वारा 29 अप्रैल को अधिसूचना जारी की गई थी। तय कार्यक्रम के अनुसार 7 मई से 11 मई तक नामांकन पत्र भरे जाएंगे। इसके बाद 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी, जबकि 15 मई तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद ही अंतिम उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो जाएगी। मतदान की प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की जाएगी।
26, 28 और 30 मई को सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इस दौरान प्रदेश भर में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। अब नजरें 11 मई तक दाखिल होने वाले कुल नामांकन और 15 मई के बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची पर टिकी हैं, जिससे चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नामांकन से लेकर मतदान तक सभी चरणों में प्रशासनिक निगरानी कड़ी रखी जाएगी।
जिलों में यह रहा रुझान
पहले दिन दाखिल नामांकन पत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंडी जिला सबसे आगे रहा, जहां 3731 नामांकन दाखिल हुए। वहीं चंबा (2067) और ऊना (1892) भी शीर्ष जिलों में शामिल रहे। दूसरी ओर, लाहुल-स्पीति में सबसे कम 74 नामांकन दर्ज किए गए, जो भौगोलिक परिस्थितियों और कम जनसंख्या का असर दर्शाता है। अन्य प्रमुख जिलों के आंकड़े इस प्रकार रहे।
जिला, नामांकन संख्या
- बिलासपुर, 1459
- हमीरपुर, 1572
- कांगड़ा, 1407
- कुल्लू, 1383
- शिमला, 784
- सिरमौर, 917
- सोलन, 1415
- किन्नौर, 190
- कुल, 16,891
