उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर राजभाषा पखवाड़ा के मुख्य समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए श्री नरेश पाल सिंह ने कहा कि हिंदी सिर्फ एक भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर का माध्यम है। हिंदी उन राष्ट्रीय मूल्यों की प्रतीक है जो हमें अपनी समृद्ध विरासत और राष्ट्रीय आंदोलन से प्राप्त हुए हैं। हिंदी विविधता में एकता की संकल्पना को परिलक्षित करती है। अपना लंबा सफर तय करते हुए हिंदी आज सूचना टेक्नॉलाजी के वर्तमान युग में संचार और तकनीक के हर छोटे-बड़े माध्यमों की भाषा बन चुकी है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा, साहित्य, संचार, मनोरजंन जैसे क्षेत्रों में हिंदी का प्रयोग बढ़ रहा है। यह वैश्विक हिंदी है। इसलिए राजभाषा का यह पर्व हमारे लिए गर्व और गौरव का पर्व है। श्री नरेश पाल सिंह ने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे का संपूर्ण कार्यक्षेत्र साहित्य और संस्कृति की समृद्ध विरासत का गढ़ रहा है। यह क्षेत्र सुविख्यात हिंदी साहित्यकारों की जन्मस्थली अथवा कर्मस्थली रही है और इस क्षेत्र में हिंदी समृद्ध और परिष्कृत हुई है। प्रयागराज को तो साहित्य एवं संस्कृति की राजधानी भी कहा जाता है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है कि हमें ऐसी महान कर्मभूमि से जुड़ने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। रचनाकारों के महान योगदान एवं यश के साक्षी इस साहित्यिक अंचल में कार्य करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का नैतिक दायित्व है कि हम पूरी कर्तव्यभावना के साथ अपने सभी कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करें। महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह ने सभी पुरस्कार विजेता अधिकारियों , कर्मचारियों और विभागों का बधाई दी।

इस अवसर पर मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री अनिल कुमार द्विवेदी ने कहा कि हमारा देश विविध भाषाओं एवं बोलियों वाला विशाल देश है। इन सभी भाषाओं में हिंदी का संवैधानिक एवं राष्ट्रीय दृष्टि से विशिष्ट महत्व है। हिंदी देशकी सामासिक संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम है और भारतीय रेल विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों को एकसूत्र से जोड़ती है। श्री अनिल कुमार द्विवेदी ने हिदी की प्रगतिशील परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत कबीर, प्रेमचंद , निराला जैसे विभूतियों ने हिंदी के बहुआयामी रूप को समृद्ध किया है और आज देश में अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन जैसे आयोजनों और भारतीय भाषा आयोग की स्थापना से भाषाई सद्भावना का नया दौर शुरू हुआ है। उत्तर मध्य रेलवे में राजभाषा के प्रयोग-प्रसार के लिए किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख करते हुए मख्य राजभाषा अधिकारी श्री अनिल कुमार द्विवेदी ने बताया कि पूरे उत्तर मध्य रेलवे में कंप्यूटरों पर हिंदी में काम-काज बढ़ाने के लिए निरंतर हिंदी कार्यशालाए, हिंदी कुंजीयन कार्यशालाएं, हिंदी के प्रख्यात साहित्यकारों की जयंती के अवसर पर संगोष्ठियाँ, साहित्यिक कार्यक्रम, महत्वपूर्ण अवसरों के उपलक्ष्य में काव्यपाठ एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं तथा राजभाषा के प्रयोग-प्रसार के अवलोकन एवं समीक्षा के लिए राजभाषा प्रदर्शनी लगाई गई ।उन्होंने बताया कि हिंदी में उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति,प्रयागराज का चल वैजयंती का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है तथा संसदीय राजभाषा समिति की आलेख एवं साक्ष्य उप समिति द्वारा प्रयागराज एवं आगरा मंडलों के स्टेशनों की सराहना की गई।

इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्तर मध्य रेलवे की सांस्कृतिक टीम द्वारा सरस्वती वंदना की सांगीतिक प्रस्तुति की गई और ’ संत कबीर का ताना-बाना’ शीर्षक रागबद्ध नृत्य नाटिका का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस अवसर पर विभागों में हिंदी में किए जा रहे कार्यों की अत्यंत भव्य एवं आकर्षक राजभाषा प्रदर्शनी लगाई गई। राजभाषा प्रदर्शनी में वैगन मरम्मत कारखाना, झाँसी को सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शनी की शील्ड प्रदान की गई , सिगनल एवं दूरसंचार विभाग को द्वितीय तथा रेल सुरक्षा बल विभाग को तृतीय पुरस्कार की शील्ड प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिताओं के विजेता और हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 89 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह ने मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़ा प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में उल्लेखनीय योगदान देने वाले तथा राजभाषा के प्रसार के कार्यों में योगदान करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में अपर महाप्रबंधक श्री राजकुमार वानखेड़े और सभी प्रधान विभागाध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे। उप मुख्य राजभाषा अधिकारी डॉ गरिमा त्रिपाठी द्वारा समारोह के अध्यक्ष महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह और सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्री यथार्थ पाण्डेय ने किया
