मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जानलेवा साबित हो रहे प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खिलाफ जांच अभियान शुरू कर दी गई है। सीएम योगी ऐक्शन में हैं। ऑनलाइन बिक्री से लेकर थोक विक्रेताओं के गोदामों तक जांच चल रही है। इससे होने वाली घटनाओं के लिए स्थानीय पुलिस-प्रशासन को भी जिम्मेदार माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पतंगबाजी में चाइनीज मांझे से किसी भी व्यक्ति की मौत होने पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। चाइनीज मांझे की सप्लाई के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और इसे बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। हर जिले में 24 घंटे इसकी निगरानी के लिए एक-एक नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा। ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया ग्रुप और औपचारिक चैनलों के जरिए होने वाली अवैध बिक्री पर सख्त नजर रखी जाएगी, जिससे किसी भी तरह की आपूर्ति को रोका जा सके।
राज्य सरकार इस अभियान को जन-जन तक जोड़ने के लिए स्कूल व कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाएगी। यहां बच्चों व युवाओं को बताया जाएगा कि चाइनीज मांझा प्रतिबंधित होने के साथ ही जानलेवा भी है। बाजारों व पतंग विक्रेताओं को अगाह किया जा रहा है कि कहीं भी चाइनीज मांझा मिलता पाया गया तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चाइनीज मांझे से अगर कोई घटना होती है तो केवल विक्रेता ही नहीं बल्कि स्थानीय पुलिस व प्रशासन भी जिम्मेदार माना जाएगा। किसी भी कीमत पर प्रदेश में चाइनीज मांझा न बिके इसके लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
