हाथरस। बूलगढ़ी प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि मामले में जिला न्यायालय ने नोटिस जारी किया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पंचम) विजय कुमार की अदालत ने बुधवार को रिवीजन याचिका पर सुनवाई करते हुए राहुल गांधी को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
जिले के चंदपा क्षेत्र के गांव बूलगढ़ी में 14 सितंबर वर्ष 2020 को अनुसूचित जाति की युवती पर हमला हुआ था। इस मामले में पहले गांव के संदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, बाद में युवती के बयानों के आधार पर रवि, रामकुमार और लवकुश के नाम भी शामिल किए गए।
29 सितंबर 2020 को युवती की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद मामला देशभर में चर्चा में रहा। सीबीआई ने जांच कर आरोप पत्र विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में दाखिल किया था। बाद में अदालत ने रवि, रामकुमार और लवकुश को बरी कर दिया, जबकि मुख्य आरोपी संदीप को धारा 304 और एससी-एसटी एक्ट के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जो वर्तमान में जेल में है।
रामकुमार, रवि और लवकुश ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि याचिका दायर की थी। आरोप है कि राहुल गांधी ने 12 दिसंबर 2024 को गांव का दौरा किया था और सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणी की थी, जिसमें उन्हें गैंगरेप का आरोपी बताया गया, जबकि वे पहले ही अदालत से दोषमुक्त हो चुके थे।
इसी को आधार बनाकर मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में चला। राहुल गांधी की ओर से लखनऊ के अधिवक्ता आलोक चंद्रा ने न्यायालय में आपत्ति पत्र दाखिल किया था। इसमें कहा गया था कि राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में लोकहित से जुड़े विषय पर बयान दिया था। बचाव पक्ष ने संविधान के अनुच्छेद 105(2) के तहत प्राप्त संसदीय विशेषाधिकार का भी हवाला दिया।
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के वैधानिक प्रमाणपत्र और अभियोजन की अनुमति से जुड़े बिंदु भी उठाए गए थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट ने 14 मई को मानहानि वाद खारिज कर दिया था।
न्यायालय ने आदेश में कहा था कि राहुल गांधी के कथन का आशय सरकार की घोषणाओं और नीतियों की आलोचना अथवा टिप्पणी करना था। उपलब्ध साक्ष्यों और धारा 225 बीएनएस के तहत प्रस्तुत आख्या के परीक्षण में किसी व्यक्ति विशेष की मानहानि करने का उद्देश्य परिलक्षित नहीं होता है।
विशेष न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अब रामकुमार की ओर से जिला न्यायालय में रिवीजन याचिका दाखिल की गई है। रामकुमार के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि रिवीजन याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
