चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को नशे की लत से जूझ रहे लोगों के इलाज में चिकित्सा सेवाओं के साथ मनो-सामाजिक देखभाल को मजबूत करने के लिए पायलट परियोजना शुरू करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी। यह परियोजना राज्य के सीमावर्ती जिलों अमृतसर, तरनतारन और फाजिल्का में शुरू की जाएगी। एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह निर्णय मुख्यमंत्री और यहां आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के एक प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मान ने कहा, “इस पहल के तहत आर्ट ऑफ लिविंग आधारित आध्यात्मिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य दवा आधारित उपचार और दीर्घकालिक मनोसामाजिक पुनर्वास के बीच महत्वपूर्ण अंतर को पाटना है। हालांकि, पंजाब ने नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के लिए दवा आधारित उपचार की पहुंच बढ़ाई है, लेकिन शुरुआती महीनों के दौरान मरीजों को उपचार में बनाए रखना अब भी एक बड़ी चुनौती है।”
मान ने कहा कि नशामुक्ति उपचार करा रहे व्यक्ति के लिए दवा के साथ-साथ उसके मानसिक संकल्प को मजबूत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्ति को केवल चिकित्सा उपचार तक सीमित नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह भावनाओं और इच्छाशक्ति से जुड़ी लड़ाई भी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशे की लत से जूझ रहे प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक और उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर बढ़ने तथा पूर्ण पुनर्वास हासिल करने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
