लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में किराये पर 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की। उन्होंने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 59 जिलों में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा में लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। ऐसे में अभ्यर्थियों को बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर आधा किराया ही लिया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो विद्यार्थी दूसरे जिलों में परीक्षा देने जाएंगे और जिनके पास ठहरने की व्यवस्था नहीं होगी, उनके लिए अस्थायी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मुख्यमंत्री ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही इंटरनेट मीडिया और अन्य माध्यमों से अफवाह या भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
58 हजार ग्राम पंचायतों व 762 निकायों में होगा योग दिवस आयोजन
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को प्रदेशव्यापी जनभागीदारी अभियान के रूप में आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि 21 जून को प्रदेश की सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
प्रत्येक आयोजन में जनप्रतिनिधि अथवा शासन के प्रतिनिधि की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इस वर्ष ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर व्यापक आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का प्रदेशभर में सीधा प्रसारण कराने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास को प्राथमिकता देने तथा नगरीय क्षेत्रों के 14 हजार वार्डों में कार्यक्रम स्थलों का चिह्नांकन करने को कहा है। उन्होंने 20 जून को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए नगर विकास, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभागों को शिक्षण संस्थानों के सहयोग से व्यापक अभियान संचालित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण का जनआंदोलन है।
जनता दर्शन और जनसुनवाई में लापरवाही हुई तो होगी कार्रवाई
जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन, जनता दर्शन और आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि कुछ जिलों में निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे जिलों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा, अन्यथा उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
