लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ग्रेटर नोएडा स्थित ग्रैंड वेनिस माल के संचालक सतिंदर सिंह भसीन को गिरफ्तार किया है। ईडी ने यह कार्रवाई भसीन इन्फोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (बीआइआइपीएल) से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में की है। ईडी ने पीएमएलए की गाजियाबाद स्थित विशेष अदालत में आरोपित को पेश कर छह जून तक का रिमांड हासिल किया है।
सतिंदर सिंह भसीन, क्विंसी भशीन व उनके करीबियों ने रियल स्टेट परियोजनाओं में निवेशकों को मोटा लाभ दिलाने का लालच देकर 1300 करोड़ रुपये का चूना लगाया था। इस मामले को लेकर विभिन्न थानों में निवेशकों की शिकायत पर 80 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए थे। ईडी ने इन्हीं मुकदमों को आधार बनाकर अपनी जांच शुरू की थी।
यहां खर्च किए निवेशकों के पैसे
अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि निवेशकों से जुटाई गई राशि का उपयोग आरोपित ने परियोजनाओं के निर्माण और विकास में करने के बजाय समूह की विभिन्न कंपनियों और संबद्ध संस्थाओं के जरिए दूसरे उद्देश्यों के लिए डायवर्ट और खर्च किया। इसके चलते आरोपित ने निवेशकों को व्यावसायिक इकाइयों की समय पर डिलीवरी नहीं की और न ही परियोजनाएं पूरी की।
वहीं, इस मामले की सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने पिछली 15 मई को टिप्पणी की थी कि निवेशकों की रकम लेकर आरोपित ने परियोजना पूरी नहीं की और न ही निवेशकों को संबंधित इकाइयों का कब्जा दिया। इसलिए आरोपित को हिरासत में लिया जाए।
इसके बाद ईडी ने शुक्रवार को आरोपित को गिरफ्तार कर शनिवार को उसे विशेष अदालत में पेश कर छह जून तक के लिए रिमांड पर लिया है। वहीं इस मामले में ईडी द्वारा पहले ही सतिंदर सिंह भसीन की राजौरी गार्डन स्थित 44.06 करोड़ रुपये की कोठी को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। ईडी के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपितों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
