देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा विवाद राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने भी बड़ा बयान दिया है.
देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में शामिल हुई विजया रहाटकर ने कहा कि सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहीं और उत्तराखंड की महिलाओं का प्रतिनिधित्व कर रहीं रेखा आर्या के साथ इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी.
साथ ही कहा कि ये उनका निजी मामला है, लेकिन उचित मंच पर इसकी ठीक से जांच होनी चाहिए और जांच पूरी होने तक इंतजार किया जाना चाहिए.
क्या है रेखा आर्या का पूरा मामला: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर 2026 को अपने पति गिरधारी लाल साहू को कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसमें गिरधारी लाल एक महिला से बात कर रहे हैं. हालांकि ईटीवी भारत इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है.
गिरधारी लाल साहू को कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के बाद रेखा आर्या ने अपने एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर कई गंभीर आरोप लगाए. रेखा आर्या ने इस मामले में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में तहरीर भी दी थी, जिसमें आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था. तभी से गिरधारी लाल साहू फरार है.
वहीं अपने ऊपर मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरधारी लाल साहू ने भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया था, जिसमें उन्होंने अपने लगे सभी आरोपों को झूठा बताया था. साथ ही अपनी पत्नी कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या पर करीब 210 करोड़ के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया था.
