पंचकूला। हरियाणा सरकार ने नशे के खिलाफ संचालित अभियान को पहले से अधिक तेज गति से चलाने की कार्ययोजना बनाई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बैठक के दौरान संदिग्ध नशे के कारण होने वाली मौतों के मामलों की समीक्षा की। प्रभावित जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ औषधि नियंत्रण अधिकारियों तथा जिला समाज कल्याण अधिकारियों को नशा पीड़ितों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए प्रतिक्रिया प्रणाली को ज्यादा मजबूत करने के लिए निर्देशित किया गया है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित प्रहरी क्लबों को सक्रिय किया जाए तथा नशा तस्करों की सूचना साझा करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें। सर्वाधिक सटीक सूचना देने वाले क्लबों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
बैठक के दौरान बताया गया कि दोहरे उपयोग (ड्यूल-यूज) वाली दवाओं की बिक्री करने वाली केमिस्ट की दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। नियमों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। सिरसा जिले में पिछले तीन महीनों में 1,737 मेडिकल स्टोरो का निरीक्षण किया गया, जिनमें लगभग 18 प्रतिशत में सीसीटीवी खराब पाए गए और 27 प्रतिशत दुकानों में पंजीकृत फार्मासिस्ट नहीं मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई की गई।
63 नशा अपराधियों की सुरक्षा पेंशन बंद
बैठक में यह भी बताया गया कि नशे से जुड़ी गतिविधियों में बार-बार संलिप्त पाए गए 63 नशा अपराधियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन को प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की निगरानी के लिए विशेष साफ्टवेयर विकसित करने के लिए कहा गया है। 12वीं राज्य स्तरीय नारको-कार्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल और पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल भी शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि नशे की गतिविधियों पर रोक के लिए जिला स्तर पर कार्य-योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिन्हें 31 मार्च तक लागू किया जाना है। मुख्य सचिव ने कहा कि अगले महीने एक ही दिन सभी जिलों में जिला-स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएं और उनकी समेकित रिपोर्ट अगली राज्य स्तरीय एनसीओआरडी की बैठक में प्रस्तुत की जाए, ताकि जिलावार प्रदर्शन का व्यापक आकलन किया जा सके।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का मुख्यालय करनाल से पंचकूला आएगा
बैठक में संस्थागत सुदृढ़ीकरण के तहत हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का मुख्यालय मधुबन (करनाल) से पंचकूला स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इसके अलावा, पंचकूला में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए समर्पित थाना स्थापित करने की भी योजना है। फारेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए जीसी-एमएस, जीसी-एफआइडी और यूवी-एचपीएलसी जैसी उन्नत मशीनें स्थापित की जाएंगी। प्रेगाबालिन, सिग्नेचर कैप्सूल और टैपेंटाडोल जैसी दवाओं को एनडीपीएस ढांचे में लाने का सुझाव दिया गया।
