चंडीगढ़। नायब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लोगों के लिए पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ सीवरेज लाइन और उद्योगाें से निकलने वाले शोधित पानी से सिंचाई पर जोर देते हुए कई योजनाओं को शुरू करने की घोषणा की है।
जिसके लिए पिछले वित्तीय वर्ष के बजट के मुकाबले नए अनुमानित बजट में 8.10 प्रतिशत रकम बढ़ाने की घोषणा की है। वर्ष 2025-26 में अनुमानित बजट के लिए 5.469.22 करोड़ की राशि जारी हुई थी, जबकि नए बजट में 5.912.02 करोड़ की राशि तय की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा बढ़ाने के लिए सरकार ने इस बजट में महाग्राम योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत दस जिलों से एक-एक महाग्राम नामित किए गए हैं।
गांव गंगवा, फरल,फतेहपुर, सीसवाल, सिवान, ढांड, ददलाना, चुकलाना, जमालपुर के शहरी क्षेत्र की तरह 135 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से प्रतिदिन आपूर्ति किया जाएगा। पहले चरण में महाग्राम में योजना सिरे चढ़ने पर अन्य महाग्राम को भी चयनित किया जाएगा। यह प्रक्रिया इसी तरह से साल दर साल चलती रहेगी। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में 150 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन भी बदली जाएगा।
पेयजल की उपलब्धिता बढ़ाने के साथ-साथ उद्योगों से निकलने वाले पानी तथा सीवर के पानी को शोधित कर सिंचाई के काम लाने पर जोर दिया जाएगा। इससे शुद्ध पेयजल की मांग भी कम होगी।
सरकार ने 31 दिसंबर 2028 तक शोधित पानी का सौ प्रतिशत उपयाेग करने का लक्ष्य तय किया है। जन-स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग अपने 445 वाटर टैंकों ईंट लाइनिंग में बदलकर आरसीसी लाइन में बदला जाएगा।
वर्ष 2026-27 में पांच जिलों के 44 टैंकों का आरसीसी से बनाया जाएगा। हिसार, रोहतक, झज्जर, भिवानी तथा चरखीदादरी में नई योजना के तहत इस साल कार्य पूरा करना है। इसके बाद अगले वित्तीय वर्ष में जन-स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग अन्य पांच जिलों में काम करेगा।
