रोहतक: विश्व बैंक के सहयोग से प्रदेश में नहरी नेटवर्क को आधुनिक बनाने पर 5700 करोड़ रुपए की परियोजना तैयार की गई है. इस परियोजना के तहत प्रदेश भर की नहरों को आधुनिक बनाया जाएगा और मरम्मत कार्य होंगे. यह जानकारी प्रदेश की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने गुरुवार को रोहतक में दी. वे यहां जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए पहुंची थीं.
पानी के लिए पहली बार एकीकृत योजनाः मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि “हरियाणा में पानी के लिए पहली बार एकीकृत योजना बनी है. जबकि पूर्व की सरकारों के समय क्षेत्रीय राजनीति के चलते पानी के लिए योजना बनती थी.” उन्होंने कहा कि “तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया गया. पूरे हरियाणा में पानी का वितरण एक समान होना चाहिए.”
80 नए जल निकाय बनाने की तैयारीः गौरतलब है कि जल संरक्षित हरियाणा परियोजना के तहत, संपूर्ण प्रदेश में कार्य होंगे. दक्षिणी हरियाणा में भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए 80 नए जल निकाय बनाने की तैयारी है. इसके अलावा लगभग 2 लाख एकड़ भूमि में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए विशेष ड्रेनेज सिस्टम विकसित किए जाएंगे. किसानों को सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा. इस परियोजना का प्राथमिक लक्ष्य प्रदेश में उपलब्ध ताजे पानी को पीने के लिए बचाना और कृषि के लिए उपचारित विधियों का उपयोग सुनिश्चित करना है.
12 शिकायतों पर सुनवाईः सिंचाई मंत्री ने यह भी बताया कि “रोहतक में बाढ़ नियंत्रण के लिए 24 करोड़ 36 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा इस क्षेत्र की जीवन रेखा झज्जर सब ब्रांच नहर की रि मॉडलिंग की जाएगी.” इससे पहले सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के सम्मुख परिवेदना समिति की बैठक में 12 शिकायत रखी गई, जिनमें से 8 का समाधान कर दिया गया. जबकि 4 के संबंध में अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए.
