रुद्रप्रयाग: लगातार हो रही भारी बारिश ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बार फिर सिरोबगड़ में बड़ा संकट खड़ा कर दिया है. धारी देवी मंदिर के समीप पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर हाईवे पर आ गिरा. देखते ही देखते सड़क मलबे से पट गई. राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. हजारों यात्री हाईवे पर फंसकर रह गए.
सिरोबगड़ में हालात इसलिए भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि बारिश के बीच पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है. ऐसे में हाईवे खोलने के लिए जुटी मशीनों के सामने भी चुनौती कम नहीं है. NH विभाग की मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन पहाड़ी से गिरता मलबा काम की रफ्तार पर असर डाल रहा है.
बारिश आई नहीं कि सिरोबगड़ फिर बना आफत: सिरोबगड़ की समस्या आज की नहीं है. करीब तीन दशक से बरसात के मौसम में यह क्षेत्र बद्रीनाथ हाईवे के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल रहा है. बारिश बढ़ते ही पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला शुरू हो जाता है. हाईवे बार-बार बाधित होता है.
हर बार मशीनें पहुंचती हैं, मलबा हटाया जाता है और यातायात बहाल कराया जाता है, लेकिन बारिश दोबारा शुरू होते ही वही संकट फिर सामने खड़ा हो जाता है. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कब तक सिरोबगड़ में हर बरसात के दौरान सिर्फ मलबा हटाने की कवायद चलती रहेगी?
हजारों यात्रियों की सांसें अटकीं, कब मिलेगा स्थायी समाधान? बदरीनाथ हाईवे उत्तराखंड के प्रमुख यात्रा मार्गों में शामिल है. ऐसे में सिरोबगड़ पर बार-बार सड़क बाधित होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. वर्तमान स्थिति ने एक बार फिर सिरोबगड़ के स्थायी उपचार की जरूरत को सामने ला दिया है.
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया एनएच विभाग की मशीनें मौके पर मलबा हटाने के कार्य में जुटी हुई हैं. फिलहाल मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं. यात्रियों की नजर हाईवे खुलने पर टिकी है.
