चंडीगढ़। कारोबार की प्रक्रियाओं को सरल बनाने और युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए पंजाब सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा ले रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ और ‘हुनर पंजाब’ पोर्टल निवेशकों, उद्योगों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ पोर्टल का उद्देश्य निवेशकों को सरकारी मंजूरियों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। इसकी सिंगल-विंडो व्यवस्था के माध्यम से निवेश से जुड़ी आवश्यक स्वीकृतियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार के अनुसार, निवेशकों को 45 दिनों के भीतर जरूरी मंजूरियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें निर्धारित समय में आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पोर्टल पर उपलब्ध ‘फाइनेंशियल इंसेंटिव्स पासबुक मॉड्यूल’ भी निवेशकों के लिए उपयोगी है। इसके जरिए वे अपनी वित्तीय रियायतों से संबंधित स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। डिजिटल निगरानी और जानकारी की उपलब्धता से प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने तथा अनावश्यक देरी की गुंजाइश कम करने में सहायता मिल सकती है।
दूसरी ओर, ‘हुनर पंजाब’ पोर्टल उद्योगों की जरूरतों और युवाओं के कौशल के बीच तालमेल बनाने पर केंद्रित है। इस प्लेटफॉर्म से 1,750 से अधिक संस्थानों के जुड़ने की जानकारी दी गई है। इसके माध्यम से कंपनियों को योग्य उम्मीदवारों तक पहुंचने और युवाओं को नौकरी तथा इंटर्नशिप के अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है।
इन दोनों पोर्टलों की खासियत यह है कि ये औद्योगिक विकास की दो अहम जरूरतों को संबोधित करते हैं। एक तरफ निवेशकों के लिए कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान बनाने का प्रयास है, तो दूसरी तरफ उद्योगों को जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
डिजिटल सुविधाओं का वास्तविक लाभ तभी व्यापक होगा, जब पोर्टलों पर आवेदन, मंजूरी और रोजगार से जुड़ी प्रक्रियाएं नियमित रूप से प्रभावी ढंग से संचालित हों। यदि यह व्यवस्था निरंतर बेहतर होती है, तो पंजाब में कारोबार की सुगमता और युवाओं की रोजगार तक पहुंच दोनों को मजबूती मिल सकती है।
