शिमला। हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के विकास और सशक्तीकरण के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वालों को राज्य सरकार अब दो लाख रुपये का पुरस्कार देने की तैयारी में है। हिमाचल प्रदेश महिला विकास प्रोत्साहन योजना के तहत वर्तमान में दी जा रही एक लाख रुपये की राशि दोगुनी करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। फिलहाल अधिसूचित प्रावधानों के अनुसार चयनित व्यक्ति या संस्था को एक लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
सरकार ने 17 फरवरी 2025 को जारी अधिसूचना के जरिए पुरस्कार राशि 21 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये की थी। अब इसे दो लाख रुपये करने की तैयारी है। पुरस्कार के लिए व्यक्तिगत स्तर पर योगदान देने वाले पात्र हिमाचली नागरिकों के साथ गैर सरकारी संगठन (एनजीओ), पंजीकृत समितियां और ट्रस्ट भी आवेदन कर सकते हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और कला-संस्कृति के क्षेत्र में महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए किए गए कार्य चयन का आधार होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 है।
पांच साल के योगदान का देना होगा पूरा ब्योरा
महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। पात्र व्यक्ति और संस्थाएं निर्धारित समय तक आफलाइन या विभाग की वेबसाइट डब्ल्यू.एचपी.जीओवी.इन के माध्यम से आनलाइन नामांकन भेज सकते हैं। आवेदन में पिछले पांच कैलेंडर वर्षों के कार्यों का विवरण देना अनिवार्य होगा।
चयन में व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय महिलाओं के विकास और सशक्तीकरण में योगदान को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदकों को वर्षवार कार्य, प्रमुख उपलब्धियां, नाम, पूरा पता, टेलीफोन नंबर, ई-मेल और पुरस्कार के क्षेत्र की जानकारी देनी होगी। अनुशंसा करने वाली संस्था का विवरण भी देना होगा।
राज्यस्तरीय समिति करेगी चयन, डीसी करेंगे सत्यापन
पुरस्कार के लिए सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय चयन समिति गठित करने का प्रावधान है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा सेवाएं एवं खेल तथा भाषा, कला एवं संस्कृति विभागों के प्रधान सचिव या सचिव सदस्य होंगे। महिला एवं बाल विकास निदेशक समिति के सदस्य सचिव होंगे।
नामांकन एनजीओ, पंजीकृत सोसायटी, ट्रस्ट या कम से कम 15 व्यक्तियों के समूह की अनुशंसा पर भी भेजे जा सकते हैं। सरकारी विभाग और संस्थान भी पात्र व्यक्तियों एवं संस्थाओं के नाम सुझा सकते हैं। संबंधित उपायुक्त आवेदक की ओर से दी गई जानकारी और कार्यों की प्रामाणिकता का सत्यापन करेंगे। इसके बाद चयन के लिए प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति को भेजे जाएंगे।
