देहरादून में भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त सहयोग से छठे ‘लोक संवर्धन पर्व’ का आयोजन किया जाएगा। यह पांच दिवसीय महोत्सव 11 से 15 जुलाई तक शहर के परेड ग्राउंड में आयोजित होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ 11 जुलाई को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे।
उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
इस बार का लोक संवर्धन पर्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार इसका आयोजन किसी राज्य सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री विकास योजना के तहत उत्तराखंड, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य देश की पारंपरिक कला, शिल्प, हथकरघा, खान-पान की विरासत और कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान एवं बाजार उपलब्ध कराना है।
महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी पारंपरिक कला और शिल्प के लगभग 150 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें करीब 40 प्रतिशत स्टॉल उत्तराखंड की लोक कला और पारंपरिक शिल्प को समर्पित होंगे।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प, अजरख ब्लॉक प्रिंटिंग, लाख की चूड़ियां, लकड़ी एवं पीतल शिल्प, टेराकोटा, बांस और बेंत से बने उत्पादों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के हथकरघा वस्त्र भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
महोत्सव में लगाए जाने वाले लगभग 20 फूड स्टॉल पर देश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया जा सकेगा। यहां गढ़वाली, कुमाऊंनी, राजस्थानी, महाराष्ट्रीयन और लखनवी व्यंजनों सहित कई राज्यों के प्रसिद्ध पकवान उपलब्ध होंगे।
लोक संवर्धन पर्व में आगंतुकों को लाइव शिल्प प्रदर्शन देखने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही खरीदार-विक्रेता संवाद, उद्यमिता विकास और डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
इन गतिविधियों के माध्यम से कारीगरों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार, व्यापारिक अवसर और आधुनिक विपणन की जानकारी प्राप्त होगी।
महोत्सव की सांस्कृतिक संध्याएं भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। उद्घाटन दिवस पर प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक तलत अज़ीज़ अपनी प्रस्तुति देंगे।
इसके बाद ज्योति नूरां, किशन महिपाल, विवेक नौटियाल, माया उपाध्याय, पांडवाज़ और परमिश वर्मा जैसे कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
लोक संवर्धन पर्व 11 से 15 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क होगा।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने नागरिकों, पर्यटकों, विद्यार्थियों, खरीदारों और कला प्रेमियों से अधिक संख्या में पहुंचकर भारत की समृद्ध कला, संस्कृति और पाक विरासत का अनुभव करने की अपील की है।
