चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के शहरी विकास का नक्शा बदलने के लिए अब तक की सबसे बड़ी आवासीय और वाणिज्यिक विस्तार योजना का बिगुल फूंक दिया है। सरकार राज्य के गुरुग्राम और सोनीपत समेत 13 महत्वपूर्ण शहरों में नए सेक्टर बसाने जा रही है। इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए दूसरे चरण में लगभग 33,000 एकड़ जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस बार सरकार ने जमीन अधिग्रहण की पुरानी और विवादित व्यवस्था को छोड़कर एक बेहद पारदर्शी और लचीला रास्ता अपनाया है।जमीन की खरीद पूरी तरह से ‘ई-भूमि पोर्टल’ (e-Bhoomi Portal) के माध्यम से स्वैच्छिक (voluntary) होगी।कोई भी किसान या भूमि मालिक अपनी मर्जी से जमीन देने के लिए आवेदन कर सकता है। किसान पोर्टल पर अपनी उम्मीद के मुताबिक खुद कीमत का प्रस्ताव दे सकते हैं, जिसके बाद सरकार उनसे सीधी बातचीत (negotiate) करेगी। इससे कानूनी अड़चनें और विरोध प्रदर्शन नहीं होंगे। इच्छुक भूमि मालिक 31 अगस्त तक पोर्टल पर अपनी जमीन बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा इस जमीन रिजर्व का उपयोग भविष्य के सुनियोजित रिहायशी सेक्टरों, इंडस्ट्रियल टाउनशिप, चौड़ी सड़कों, अस्पतालों और कमर्शियल हब के लिए किया जाएगा।
रियल एस्टेट और आम जनता पर क्या होगा असर?
सस्ते प्लॉट्स और फ्लैट्स की उम्मीद: पिछले लगभग दो दशकों से गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में सरकारी स्तर पर कोई बड़ा सेक्टर लॉन्च नहीं हुआ था, जिससे निजी बिल्डर्स के मनमाने दाम बढ़े। सरकारी सेक्टर आने से मध्यम वर्ग के लिए किफायती आवास के विकल्प खुलेंगे।
स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: इन नए सेक्टरों को डेवलपमेंट प्लान 2041 और प्रोग्रेसिव टाउन प्लानिंग के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसमें चौड़ी सड़कें, सीवेज सिस्टम और भरपूर ग्रीन जोन (पार्क) शामिल होंगे।बड़े लैंड बैंक से नए उद्योगों को हरियाणा की तरफ आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
