लखनऊ: प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री और नेता सदन विधान परिषद केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को विधान परिषद में ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर चर्चा में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम का विरोध करना देश और प्रदेश की आधी आबादी के अधिकारों के विरुद्ध खड़ा होना है.
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगर यह विधेयक पारित हो गया होता तो वर्ष 2029 से महिलाओं को व्यापक राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होता, लेकिन विपक्ष ने इस ऐतिहासिक अवसर को गंवा दिया. उन्होंने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं राष्ट्र का सम्मान होता है. भारतीय परंपरा और संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है.
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को आगे रखते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि उनका अधिकार लौटाना है. स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने नारी की भूमिका को समाज की आधारशिला बताया.
उप-मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार की तरफ से महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में 12 करोड़ से अधिक शौचालय (इज्जतघर) का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत 12 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन, 65 करोड़ से अधिक जनधन खाते जिनमें आधे से अधिक महिलाओं के नाम, प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभान्वित किया गया है.
महिलाओं की आय बढ़ेगी तो परिवार सशक्त होगा, परिवार सशक्त होगा तो गांव, प्रदेश और देश का समग्र विकास होगा. उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’ अभियान में 3 करोड़ महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य पूरा हो चुका है. अब 6 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मातृशक्ति को उनका पूरा अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है.
प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 26.81 लाख कन्याएं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताएं लाभान्वित हुई हैं. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से 1.06 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं. 18.55 लाख महिलाएं लखपति श्रेणी में पहुंची हैं.
कृषि गतिविधियों में 64.34 लाख महिला किसान परिवार जुड़े हैं. बीसी सखी के माध्यम से 39,885 महिलाओं ने 42,711 करोड़ से अधिक का लेन-देन किया है.
महिला श्रम भागीदारी 2017 के 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंची है. वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन और अन्य योजनाओं के माध्यम से लाखों महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है.
उन्होंने भारतीय इतिहास और परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वह देश है, जहां सावित्री ने यमराज से अपने पति को वापस लिया. रानी लक्ष्मीबाई ने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया और माता कौशल्या, कैकेई, सुमित्रा, यशोदा और देवकी जैसी महान माताओं ने आदर्श चरित्रों को जन्म दिया.
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना ऊदा देवी, लोकमाता सावित्रीबाई फुले, महादेवी वर्मा, सुषमा स्वराज और पीवी सिंधु जैसी महान महिलाओं के योगदान को भी याद किया. उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.
केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष से अपील की और कहा कि मतभेदों से ऊपर उठकर महिलाओं के अधिकारों से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण विधेयकों का समर्थन करें. उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को भविष्य में जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा.
