रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की गांडेय से विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन जल्द ही पार्टी में अहम पद की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। विपरीत परिस्थितियों में राजनीति में कदम रखने वाली कल्पना सोरेन ने बहुत कम समय में खुद को एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित कर लिया है।
हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद जब पार्टी और परिवार दोनों पर संकट था, उस वक्त कल्पना सोरेन ने ना केवल मोर्चा संभाला, बल्कि गांडेय विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज कर राजनीति में सफल आगाज किया। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान झारखंड में आईएनडीआईए गठबंधन की अगुवाई भी की।
राजनीति की नई स्टार प्रचारक
कल्पना सोरेन ने झारखंड में ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में आईएनडीआईए गठबंधन की बैठकों और रैलियों में भाग लिया। हाल ही में समाप्त हुए विधानसभा चुनावों में वह स्टार प्रचारक के रूप में उभरीं। उन्होंने राज्यभर में लगभग 100 बड़ी चुनावी रैलियां और रोड शो किए, जिनमें लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली।
झामुमो महाधिवेशन में मिल सकती है बड़ी भूमिका
झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय के अनुसार, कल्पना सोरेन ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए बड़ी भूमिका निभाई है। संगठन को मजबूती देने में भी उन्होंने सक्रिय योगदान दिया है। इसी आधार पर कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी केंद्रीय महाधिवेशन में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
महाधिवेशन में कई राज्यों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
झामुमो का अगला केंद्रीय महाधिवेशन कोरोना काल के बाद पहली बार बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इसकी तिथि और स्थान की घोषणा जल्द की जाएगी। महाधिवेशन में झारखंड के अलावा बिहार, असम, बंगाल, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु आदि राज्यों से प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पार्टी इस महाधिवेशन में हालिया चुनावी जीत का जश्न भी मनाएगी।
स्थापना दिवस समारोह से होगा आगाज़
झामुमो का स्थापना दिवस समारोह दो फरवरी को दुमका में आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी प्रमुख नेता उपस्थित रहेंगे। इसके बाद चार फरवरी को धनबाद में स्थापना दिवस मनाया जाएगा। पार्टी इन आयोजनों को इस बार विशेष और भव्य बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।
