मंडी। इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में अर्धनग्न प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं की शिमला से गिरफ्तारी को लेकर हिमाचल प्रदेश और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव जारी है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन के बाद ऐसे अपराधियों को हिमाचल में शरण देना और बाद में उनके पकड़े जाने पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को रोकना मुख्यमंत्री और हिमाचल पुलिस की एक बड़ी गलती है। यह आने वाले समय में महंगी पड़ेगी, क्योंकि इससे केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच दूरी आएगी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि एआई समिट में जहां दुनियाभर के देशों से मंत्री और प्रतिनिधि आए थे, वहां पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन एक देश विरोधी घटनाक्रम था। ऐसे दोषियों को राहुल गांधी के इशारे पर बचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सुक्खू इस घटना को पहले हिमाचल विधानसभा में सही ठहराते हैं और बाद में आरोपियों को रोहड़ू में रखा जाता है। अब जब दिल्ली पुलिस ऐसे अपराधियों को पकड़ने के लिए आती है, तो हिमाचल पुलिस पर दबाव बनाकर दिल्ली पुलिस को भी कार्रवाई करने से रोका जा रहा है।”
‘दिल्ली पुलिस को रोकना मुख्यमंत्री को पड़ेगी महंगी’
नेता प्रतिपक्ष ने हैरानी जताई कि जब न्यायालय से दिल्ली पुलिस को आरोपियों को ले जाने की मंजूरी मिलती है, उसके बाद दोबारा दिल्ली पुलिस की टीम को रोककर मामला दर्ज कर लिया जाता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि ये सारी प्रक्रिया राहुल गांधी के इशारे पर की जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आने वाले समय में यह बहुत महंगी पड़ेगी।
