शिमला। प्रदेश के गंभीर वित्तीय हालात को देखते हुए सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विधायक निधि की दो किस्तें ही जारी की हैं। इसके तहत अप्रैल से जून व जुलाई से सितंबर तक की विधायक निधि जारी हुई है। उसके बाद विधायक निधि की दो किस्तें लंबित हैं।
इसके बावजूद विधायक अपने विधानसभा क्षेत्रों में निधि जारी करने संबंधी पत्र जारी कर रहे हैं। इस तरह के पत्र जब सरकारी कार्यालयों में लेकर जाते हैं तो अधिकारी राशि उपलब्ध नहीं होने का कारण बताते हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विधायक निधि जारी होने की संभावना नहीं है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा के मानसून सत्र में जानकारी दी थी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायक निधि के तहत जिला उपायुक्तों द्वारा धनराशि जारी नहीं किए जाने का मामला उठाया था।
सिर्फ 3 लाख का भुगतान नहीं हुआ
बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत 3 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान नहीं हो पाया है। जबकि प्रदेश के अन्य 67 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 74.05 करोड़ की धनराशि की विधायक निधि राज्य कोषागारों से संबंधित क्षेत्रों में खर्च हो चुकी है।
प्रत्येक विधायक को वार्षिक 2.20 करोड़ की चार किश्तों में से 1.10 करोड़ की दो किश्तें विधायक को प्राप्त हो चुकी हैं। इसके तहत गांव के रास्ते, ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी सड़कें, पैदल चलने योग्य पुल, पानी की लघु योजनाओं के लिए विधायक धनराशि जारी करता है।
इसके अतिरिक्त विधायक महिला मंडलों में बर्तन खरीद के लिए 40 हजार रुपये देता है। महिला मंडलों के निर्माण के लिए भी धनराशि दिए जाने का प्रविधान है। विधायक निधि मुख्यमंत्री, सरकार के मंत्रियों व विधायक के लिए समान धनराशि 2.20 करोड़ की व्यवस्था है।
विधायक निधि की दो किश्तों के तहत प्रत्येक विधायक को 55-55 लाख रुपये की धनराशि आबंटित हुई थी। विधायकों द्वारा जारी की गई धनराशि का विकास कार्यों के लिए भुगतान भी हो गया था।
धूमल ने 15 लाख से शुरू की थी विधायक निधि
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने गठबंधन सरकार में वर्ष 1999 में पहली बार 15 लाख रुपये की धनराशि का वार्षिक प्रविधान किया था। उसके बाद वर्ष-दर-वर्ष विधायक निधि में वृद्धि होती चली गई और वर्तमान में विधायक निधि 2.20 करोड़ है।
वर्ष 2001 से लेकर 2003 तक विधायक निधि को बंद रखा गया था। सामान्य तौर पर विधायक निधि में 5 लाख से लेकर 25 लाख तक की वृद्धि होती चली गई। मौजूदा सुक्खू सरकार ने भी विधायक निधि में 40 लाख रुपये की वृद्धि करके विधायक निधि को 2.20 करोड़ तक पहुंचाया है।
वर्ष, विधायक निधि में वृद्धि, कुल विधायक निधि धनराशि
1999-2000, 15 लाख से विधायक निधि की शुरूआत हुई थी
2000-2001, 5 लाख, 20 लाख
2001-2003, दो साल विधायक निधि बंद रखी गई
2003-04, 5 लाख, 25 लाख
2008-09, 5 लाख, 30 लाख
2012-13, 20 लाख, 50 लाख
2015-16, 25 लाख, 75 लाख
2016-17, 25 लाख, 1 करोड़
2017-18, 10 लाख, 1.10 करोड़
2018-19, 15 लाख, 1.25 करोड़
2019-20, 25 लाख, 1.50 कराेड़
2020-21, 5 लाख, 1.80 करोड़
2022-23, 20 लाख, 2 करोड़
2023-24, 10 लाख, 2.10 करोड
2024-25, 10 लाख, 2.20 करोड़
