शिमला। हिमाचल प्रदेश को केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के बाद पैदा हुई स्थिति पर प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार मंत्रिमंडल में प्रस्तुति देंगे। राज्य की वित्तीय हालत पर केंद्रित इस प्रस्तुति में अवगत करवाया जाएगा कि राज्य को किस तरह की संभावित परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।
हर साल ₹10 हजार करोड़ का नुकसान
मंत्रिमंडल के समक्ष होने वाली इस प्रस्तुति पर चर्चा होगी और प्रदेश सरकार भविष्य के लिए निर्णय लेगी। पिछले तीन दिनों से राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के बाद वित्त विभाग ने आय के अन्य स्रोत तलाशने व खर्च में कटौती के विकल्प पर विचार शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से प्रदेश को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इसकी भरपाई के लिए सरकार को कड़े निर्णय लेने पड़ सकते हैं।
हिमाचल सरकार के पास तीन विकल्प
फिलहाल, सरकार के पास तीन विकल्प हैं। पहला, शराब पर सेस और पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ाकर आय बढ़ाई जाए। दूसरा, बजट में सरकार नए कर लगा सकती है। तीसरा, अनुदानित योजनाओं पर दी जा रही धनराशि में कटौती की जा सकती है। प्रदेश में कई योजनाएं चल रही हैं, जिन पर सरकार बड़ी राशि अनुदान पर खर्च करती है।
प्रदेश सरकार की संसाधन सर्जन समिति की रिपोर्ट पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इसके तहत राज्य के विभिन्न विभागों के खाली पड़े किराए के भवनों में चल रहे कार्यालयों को तुरंत सरकारी भवनों में लाने का निर्णय लिया जा सकता है। इस समिति ने ये भी सुझाया था कि आय जुटाने के विकल्पों पर प्रभावी कदम उठाए जाएं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में होगा विशेष सत्र?
बीते दिनों मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की मुलाकात हुई है। सचिवालय में हुई इस मुलाकात से ऐसा माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की ओर से बंद की गई राजस्व घाटा अनुदान से पैदा होने वाली स्थिति पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।
विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने के पीछे तर्क ये माना जा रहा है कि विशेष श्रेणी दर्जा प्राप्त एवं केंद्र सरकार पर निर्भर राज्य के सामने अभूतपूर्व गंभीर स्थिति पैदा हो चुकी है। ऐसे में विधानसभा सत्र में तत्काल प्रभाव से चर्चा होनी चाहिए। विशेष सत्र के दौरान राज्य के हितों पर कांग्रेस व भाजपा दोनों दलों को चर्चा करनी होगी। विधानसभा से पारित होने वाला संकल्प केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
