शिमला। हिमाचल कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विनय कुमार ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह केंद्रीय बजट व 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के बारे में तथ्यहीन बयानबाजी कर प्रदेश के लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। प्रेस को जारी बयान में विनय कुमार ने कहा कि केंद्रीय बजट में हिमाचल की पूरी तरह अनदेखी हुई है।
उन्होंने राजस्व घाटा अनुदान बंद करने को भी असंवैधानिक करार दिया है। प्रदेश को प्राकृतिक संसाधनों पर्यावरण को बनाएं रखने के लिए वन, जल के सरंक्षण की एवज में प्रदेश को विशेष आर्थिक मदद भी जारी की जानी चाहिए।
विनय कुमार ने भाजपा से आग्रह किया है कि वह राजस्व घाटा अनुदान, प्रदेश को आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेशहित में अपने केंद्रीय नेताओं से आग्रह करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आपदा राहत के लिए घोषित 1500 करोड़ जारी करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आर्थिक संकट के लिए पूर्व भाजपा सरकार पूरी तरह दोषी है।
पूर्व भाजपा सरकार से प्रदेश को 12 हजार करोड़ से अधिक की देनदारियां व 75 हजार करोड़ से अधिक का ऋण विरासत के तौर पर मिला है। बावजूद इसके प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से प्रदेश के विकास की गति को बनाए रखा है। आपदा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास व उनके नुकसान की भरपाई के साथ पुनर्निर्माण कार्यों को पूरा किया।
विनय कुमार ने प्रदेश से चुन कर सभी भाजपा सांसदों से भी आग्रह किया है कि दलीय विचारधारा से ऊपर उठ कर प्रदेश हित में राजस्व घाटा अनुदान बहाल करने व प्रदेश को विशेष आर्थिक मदद जारी करवाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से प्रदेश में विकास की गति पर अंकुश लग सकता है, इसलिए उन्हें केंद्र सरकार के समक्ष प्रदेश के अधिकारों की पैरवी करनी चाहिए।
