चंडीगढ़। हरियाणा में ड्यूटी के दौरान बलिदान देने वाले सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों-अधिकारियों के बच्चों को प्रदेश सरकार अब विशेष छात्रवृत्ति देगी। छठी से बारहवीं तक के छात्रों को 60 हजार, स्नातक में 72 हजार और स्नातकोत्तर छात्रों को 96 हजार रुपये वार्षिक दिए जाएंगे।
सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार ने बलिदानियों के बच्चों को छात्रवृत्ति देने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।
इन सैनियों को मिलेगा योजना का लाभ
नोटिफिकेशन के मुताबिक, थल सेना, नौसेना, वायु सेना, असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), असम राइफल्स, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और शस्त्र सुरक्षा बल (एसएसबी) कर्मचारियों के आश्रित छात्रवृत्ति के पात्र होंगे। विशेष बात यह कि हरियाणा मूल के सभी जवानों के बच्चों को यह राशि दी जाएगी, चाहे वे देश में कहीं पर भी रह रहे हों।
बलिदानियों के बच्चों को छात्रवृत्ति देने का वादा पूरा
दरअसल, सत्तारूढ़ भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने संकल्प पत्र में बलिदानियों के बच्चों को छात्रवृत्ति देने का वादा किया था। इससे दो कदम आगे बढ़ते हुए प्रदेश सरकार ने अर्धसैनिक बलों के बलिदानियों को भी छात्रवृत्ति देने का प्रविधान कर दिया है। प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना से प्रेरित इस नई नीति के तहत वर्तमान में 189 छात्रों को छात्रवृत्ति करीब एक करोड़ 32 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी।
युद्ध हताहतों के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर दी जाने वाली नियुक्ति नीति में पहले ही छूट दी जा चुकी है। युद्ध में हताहत हुए सैनिक और अर्ध सैनिक के आश्रित मृतक के पद के आधार पर ग्रुप बी, सी या डी पदों में नियुक्ति के लिए पात्र हैं। इसी तरह सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों और अधिकारियों के बलिदान पर आश्रितों को दिए जाने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ किया जा चुका है।
सदिव्यांग होने पर भी अनुग्रह अनुदान
युद्ध, आतंकवादी हमले, सीमा पर झड़प और संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में सेवा करते समय बलिदान के साथ ही दिव्यांग होने पर भी अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा। 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता पर 35 लाख रुपये, 50 से 69 प्रतिशत दिव्यांगता पर 25 लाख रुपये और 20 से 49 प्रतिशत दिव्यांगता पर 15 लाख रुपये दिए जाएंगे।
ड्यूटी के दौरान दुर्घटना, दिल का दौरा, हवाई दुर्घटना, समुद्र में दुर्घटना, आंतरिक सुरक्षा संचालन के दौरान मृत्यु, चुनाव कर्तव्यों, प्राकृतिक आपदाओं और बचाव कार्यों के दौरान हताहत होने पर भी अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा।
