प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोनीपत जिला के गांव भटगांव में आयोजित राज्यस्तरीय गोशाला चारा अनुदान राशि वितरण समारोह में प्रदेशभर की पंजीकृत 602 गोशालाओं के लिए 68 करोड़ 34 लाख रुपये की चारा अनुदान राशि वितरित की।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गोशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए गोशालाओं के उत्पादों को बढ़ावा देने और खर्चे कम करने की दिशा कई कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 330 गोशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं और वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक सभी पंजीकृत गोशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही गोशालाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया जारी है, जिससे गोशालाएं अपने उत्पादों की मार्केटिंग कर सकें। पंचगव्य आधारित उत्पादों जैसे जैविक खाद, प्राकृतिक पेंट, दीया, धूपबत्ती, गोबर के गमले, गो अर्क आदि के निर्माण के लिए भी 101 गोशालाओं में आवश्यक मशीनरी के लिए अनुदान दिया गया है। साथ ही पंचगव्य आधारित उत्पादों के अनुसंधान और विकास के लिए पंचकूला में हरियाणा गोवंश अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई है।
देसी नस्ल के सुधार और संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देसी नस्लों हरियाणा, साहिवाल एवं बेलाही के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। दूध उत्पादन क्षमता के अनुसार 5 हजार से 20 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। समारोह को गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा, सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग आदि ने भी संबोधित किया।
