हमीरपुर : मौदहा कोतवाली क्षेत्र से निकली श्यामनाला नदी में गिरे बेटे को बचाने के दौरान तेज बहाव में बहे पिता का शव करीब 20 घंटे बाद पुलिस और एनडीआरएफ टीम ने रविवार सुबह बरामद कर लिया है. शव घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में शव फंसा मिला.
उरदना गांव निवासी रामकिशोर उर्फ डगरू शनिवार दोपहर अपने बेटे मोहित (12) के साथ श्यामनाला नदी किनारे बकरियां चराने गए थे. पिता-पुत्र नदी पर बने रपटा को पार कर रहे थे. इसी दौरान मोहित का पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गया. नदी के तेज बहाव में बेटे को बहता देख रामकिशोर ने नदी में छलांग लगा दी. रामकिशोर ने किसी तरह बेटे को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया, लेकिन खुद तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए.
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम करनवीर सिंह और सीओ राजकुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. एनडीआरएफ की टीम ने ग्रामीणों के साथ शनिवार देर रात तक नदी में खोजबीन की, लेकिन रामकिशोर का पता नहीं चल सका. रविवार सुबह एनडीआरएफ ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया. करीब 10 बजे रपटे से 500 मीटर दूर झाड़ियों में रामकिशोर का शव फंसा मिला. पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
क्षेत्राधिकारी मौदहा राजकुमार पांडेय ने बताया कि श्यामनाला नदी में एक व्यक्ति के बहने की सूचना मिली थी. सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एनडीआरएफ की टीम के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया. रविवार सुबह घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
ग्राम प्रधान प्रभात यादव के मुताबिक रामकिशोर के दो बेटे और 18 वर्षीय एक बेटी है. उसके हिस्से में करीब डेढ़ बीघा जमीन है. परिवार के भरण-पोषण के लिए वह मजदूरी और चरवाही का काम करता था. रामकिशोर की मौत के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. तहसीलदार धनंजय कुमार के मुताबिक प्रथमदृष्टया मामला हादसा प्रतीत हो रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होगी. इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
