चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की संयुक्त अध्यक्षता में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं पर्यावरण से जुड़े मामलों के प्रभारी कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने, पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने तथा ग्रीन एनर्जी के उपयोग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करना रहा।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब तक उठाए गए कदमों, उनकी प्रगति तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने एनसीआर के विभिन्न जिलों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए चल रहे अभियानों, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, धूल प्रदूषण रोकने, निर्माण गतिविधियों की निगरानी, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ाने संबंधी प्रस्तुतियां भी दीं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि एनसीआर क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बैठक के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण जैसी चुनौती से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी तीनों आवश्यक हैं। उन्होंने ग्रीन एनर्जी, स्वच्छ ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल उपायों को तेजी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है और हरित ऊर्जा परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
बैठक में सरकार द्वारा ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए चल रही योजनाओं, स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, हरित आवरण बढ़ाने, औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों की भी समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण और ग्रीन एनर्जी से संबंधित सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए तथा एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए ठोस और परिणामोन्मुखी कदम उठाए जाएं, ताकि हरियाणा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सके।
