अंबाला: हरियाणा सरकार जल्द ही अपना वार्षिक बजट पेश करने वाली है. इसे लेकर प्रदेशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं. मुख्यमंत्री द्वारा बजट से पहले हर वर्ग के लोगों से सुझाव मांगे जाने की पहल को जनता ने सराहा है. लोगों का मानना है कि इससे सरकार को जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी और एक बेहतर, जनहितकारी बजट सामने आ सकता है. बजट से व्यापारी, किसान, महिलाएं, छात्र और शिक्षक सभी को खास उम्मीदें हैं.
व्यापारियों की उम्मीदें: व्यापारी और दुकानदार वर्ग का कहना है कि अगर सरकार संतुलित बजट लाती है तो इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा. व्यापारी पवन बांगा ने कहा, “सरकार को रोजगार, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा पर खास ध्यान देना चाहिए. जब तक युवा शिक्षित नहीं होगा, समाज आगे नहीं बढ़ सकता.” वहीं, एक अन्य दुकानदार ने कहा, “बिजनेस के लिए सरकार कितनी छूट देती है, यह बजट में साफ होना चाहिए ताकि छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके.”
मनरेगा योजना को लेकर सवाल : व्यापारियों ने मनरेगा योजना को लेकर भी सवाल उठाए. पवन बांगा ने कहा, “मनरेगा में 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन काम किया गया है. अब इसमें 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को देना है, उम्मीद है कि सरकार यह जिम्मेदारी निभाएगी.अगर मनरेगा को मजबूत किया गया तो ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.”
शिक्षा जगत की मांग: कॉलेज प्रिंसिपल और शिक्षकों ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की उम्मीद जताई है. आर्य गर्ल कॉलेज की प्रिंसिपल अंजू बाला ने कहा, “सरकार को बच्चों की फीस और कोर्स स्ट्रक्चर पर गंभीरता से सोचना चाहिए. जनरल कैटेगरी के बच्चों को भी स्कॉलरशिप के अवसर मिलने चाहिए.” वही, छात्रा हर्षिता ने कहा, “हमें पढ़ाई के बाद रोजगार के ज्यादा अवसर चाहिए, ताकि हम आत्मनिर्भर बन सकें.”
महिलाओं की चिंता, रसोई का बजट भी हो संतुलित: महिलाओं ने घरेलू खर्चों को लेकर बजट से उम्मीद जताई है. डॉ. सुमन बाला जो कि एक गृहणी भी हैं, उन्होंने कहा कि, “हम शिक्षिका होने के साथ-साथ गृहिणी भी हैं. रसोई गैस और खाने-पीने की चीजों के दाम कम होने चाहिए ताकि घर का बजट संभल सके. टैक्स से हम संतुष्ट हैं, लेकिन और राहत मिलनी चाहिए.”
किसानों की मांग:किसानों ने बजट में कृषि से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने की मांग की है. किसान गुरप्रीत ने कहा, “फसल खराब होने पर तुरंत गिरदावरी हो और किसानों को समय पर मुआवजा मिले.” वहीं, किसान अमनीश ने कहा, “बारिश के मौसम में खेतों में पानी भर जाता है, उसे निकालने के लिए सरकार को बजट में ठोस योजना लानी चाहिए.”
मुख्यमंत्री की पहल की हर वर्ग ने की सराहना: कुल मिलाकर सभी वर्गों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट से पहले जनता से सुझाव मांगना एक सराहनीय कदम है. ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि उनकी आवाज बजट में जरूर सुनाई देगी और यह बजट हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा.
