लखनऊ। शासन की नाराजगी के बाद ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्र्रेरी शुरू करने के लिए प्रशासन सक्रिय हुआ है। शासन ने लखनऊ सहित अन्य जिलों को मार्च तक लाइब्रेरी स्थापित करने के निर्देश दिए हैं ताकि गांव में रहने वाले छात्र छात्राएं भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां कर सकें। लखनऊ में 113 लाइब्रेरी सहित मंडल में एक हजार से अधिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जानी हैं।
दरअसल प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा की थी। सरकार की मंशा थी कि लाइब्रेरी होने से गांव में रहने वाले होनहार छात्र और छात्राओं को पढ़ाई के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा।
अधिकांश छात्र छात्राएं जिनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी होती है वह शहर चले जाते हैं लेकिन वहां पर पढ़ाई का बोझ नहीं उठा पाते। इसलिए अधिकांश या तो वापस आ जाते हैं या फिर तैयारी ही बंद कर देते हैं। इसी के मददेनजर सरकार ने गांवों में लाइब्रेरी खोलने का निर्णय लिया था।
डिजिटल लाइब्रेरी में वाइ-फाइ, एलइडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम के साथ-साथ किताबों की खरीद होनी थी। सरकार ने तीस जनवरी तक लाइब्रेरी शुरू करने की समय सीमा तय की थी लेकिन अधिकांश जगहों पर टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।
शासन ने इस मामले में लखनऊ के डीपीआरओे के खिलाफ कार्रवाई की जिसके बाद लाइब्रेरी शुरू करने को लेकर जिम्मेदार अफसर सक्रिय हुए। पिछली समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त विजय विश्वास ने भी अफसरों को फटकार लगाते हुए लाइब्रेरी शुरू करने के निर्देश दिए थे।
