अंबाला। प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने रोडवेज विभाग की जमीनों और बस अड्डों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेशभर के रोडवेज महाप्रबंधकों को तत्काल कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।
विज ने कहा है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई जिलों में रोडवेज की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीनों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। वहीं कई बस अड्डों के भीतर और आसपास रेहड़ियों, खोखों तथा अस्थायी निर्माणों ने यात्रियों की आवाजाही को प्रभावित कर रखा है।
शिकायतों का संज्ञान लेते हुए विज ने सभी महाप्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में रोडवेज की जमीनों का सर्वे कराएं और कब्जों की पहचान कर तुरंत हटाने की कार्रवाई शुरू करें।
सरकारी संपत्ति जनता की धरोहर
विज ने बताया कि सरकारी संपत्ति जनता की धरोहर है और उस पर कब्जा करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। वह स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। यदि निरीक्षण के दौरान कहीं अतिक्रमण पाया गया तो संबंधित अधिकारियों से सीधे जवाब तलब किया जाएगा।
पिछले दो दिनों के दौरान आए आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था को हुए नुकसान पर भी विज ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री ने प्रदेशभर में गिरे बिजली के पोल, क्षतिग्रस्त लाइनों और बाधित बिजली आपूर्ति की 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां पोल गिरे हैं या तार टूटे हैं, वहां तत्काल मरम्मत कार्य पूरा किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से पूछा है कि कितने पोल गिरे, कितनी जगह बिजली आपूर्ति बाधित हुई और उसे बहाल करने में कितना समय लगा। साथ ही भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए क्या तैयारी की गई है, इसकी जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
