सितारगंज। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर की ओर से ग्राम घुसरी में अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से वित्तपोषित जनजातीय उप योजना के अंतर्गत संपन्न हुआ।
गुरुवार को उद्यानिकी एवं औषधीय पौधों की खेती को आजीविका संवर्धन हेतु प्रोत्साहन रहा।
इसमें महिलाओं को वैज्ञानिक खेती की विधियां, पौध तैयार करने की तकनीक, रोपण विधि, पोषण प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, कटाई उपरांत प्रबंधन तथा विपणन संबंधी व्यावहारिक जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा ने कहा कि औषधीय एवं उद्यानिकी फसलों की खेती ग्रामीण महिलाओं के लिए आय का सशक्त माध्यम बन सकती है। उन्होंने महिलाओं से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
जनजातीय उप योजना प्रधान अन्वेषक डा. अर्पिता शर्मा कांडपाल ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को औषधीय पौधों की पहचान, उपयोगिता और बाजार की संभावनाओं की जानकारी दी गई।
इस मौके पर सैद्धांतिक सत्रों के साथ नर्सरी प्रबंधन और जैविक खेती के व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराए गए।वहीं कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
