देहरादून में ओबीसी समाज के छात्रों के लिए छात्रावास की मांग को लेकर मनवीर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एक औपचारिक अनुरोध पत्र सौंपते हुए राजधानी में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए अलग छात्रावास बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री आवास में हुई इस मुलाकात के दौरान चौहान ने बताया कि देहरादून में बड़ी संख्या में ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते हैं। लेकिन सीमित आर्थिक संसाधनों के चलते उन्हें रहने और पढ़ाई से जुड़ी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं और बाल कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है और वर्तमान नेतृत्व में युवाओं के लिए नए अवसर भी बन रहे हैं, लेकिन आवास की समस्या अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
चौहान ने विशेष रूप से उत्तरकाशी सहित अन्य पर्वतीय जिलों से आने वाले छात्रों की स्थिति को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले गरीब छात्र-छात्राओं के लिए राजधानी में सुरक्षित और सस्ती रहने की व्यवस्था करना बेहद कठिन होता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रावास की तर्ज पर ही ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी देहरादून में छात्रावास स्थापित किया जाए। इससे जरूरतमंद छात्रों को न केवल बेहतर आवास सुविधा मिलेगी, बल्कि उनकी शिक्षा भी सुगम हो सकेगी।
चौहान ने कहा कि यदि यह पहल साकार होती है, तो इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। साथ ही यह कदम उनके भविष्य को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
