मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति के लिए आज सुबह भव्य हवन-पूजन के साथ कारसेवा का शंखनाद किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन के लिए गोवर्धन स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ में देशभर से संत-महांत एकत्र हुए हैं, जो विधि-विधान से हवन में सम्मिलित होंगे।
पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने चार जुलाई को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर अयोध्या के राम मंदिर की तरह कारसेवा की घोषणा की थी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने समर्थन करते हुए नौ अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कारसेवा की घोषणा की थी। बाद में कांवड़ यात्रा को देखते हुए तिथि स्थगित कर दी गई। राजस्थान के भरतपुर से शिलाएं मंगाए जाने से प्रशासनिक हलचल भी तेज हो गई।
प्रशासन ने कार्यक्रम स्थगित करने के लिए संपर्क किया। शुक्रवार रात पांच सौ घन मीटर पत्थर पहुंच गया था। इन पत्थरों को मंदिर के लिए तराशने का काम शुरू होना था, लेकिन अब शनिवार को कारसेवा का शंखनाद होगा।
डॉ. सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि अयोध्या, मुंबई, हरिद्वार, दिल्ली और वृंदावन के संत-महांत की अगुवाई में श्रीकृष्ण जन्मस्थान को जल्द मुक्त करने की कामना के साथ शंखनाद और हवन पूजन सुबह नौ बजे से होगा।
फिलहाल शिलापूजन का कार्यक्रम रोक दिया गया है। अन्य संतों की सहमति से श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कारसेवा की तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
