शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए सरकारी कर्मचारियों को सेवा विस्तार, पुनर्नियुक्ति देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके साथ ही जिन्हें सेवाविस्तार और पुनर्नियुक्ति दी गई है, उसे बढ़ाया नहीं जाएगा। इस संबंध में कार्मिक विभाग की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
कार्मिक विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार अब कोई भी प्रशासनिक विभाग किसी अधिकारी या कर्मचारी के सेवा विस्तार या पुनर्नियोजन का प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि ऐसे कोई प्रस्ताव भेजे भी जाते हैं, तो उन्हें किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
तय अवधि पूरी होते ही माना जाएगा स्वत: सेवानिवृत्त
कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि वर्तमान में जो अधिकारी या कर्मचारी सेवा विस्तार, पुनर्नियोजन या पुनः नियुक्ति पर कार्यरत हैं, उन्हें उनकी निर्धारित अवधि पूरी होते ही स्वतः सेवानिवृत्त माना जाएगा। यानी अब किसी भी स्थिति में उनके कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
नई भर्तियों का रास्ता साफ होगा
कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव नीरज कुमार द्वारा जारी इस पत्र को अत्यंत आवश्यक श्रेणी में रखा गया है, जिससे इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस फैसले से लंबे समय से सेवाविस्तार के माध्यम से पदों पर बने रहने की परंपरा खत्म होगी और नई भर्तियों का रास्ता साफ होगा।
