लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू हो जाने के बाद प्रदेश सरकार ने अब चार नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का निर्माण जल्द पूरा कराने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ते हुए जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे तथा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम इसी महीने पूरा कर लेने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा विंध्य एक्सप्रेसवे, मेरठ- हरिद्वार एक्सप्रेसवे और नोएडा-जेवर एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी तेज करने के निर्देश भी दिए हैं।
शनिवार को स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री ने लगभग 50 हजार करोड़ लागत की एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क, लाजिस्टिक हब और शहरी परियोजनाओं को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इनमें से एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की लागत ही 50 करोड़ रुपये प्रति किमी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में यदि रेट रिवीजन आवश्यक हो तो प्रस्ताव तत्काल भेजे जाएं। भूमि-स्वामियों से सीधा संवाद किया जाए। उन्हें उचित मुआवजा मिले और रजिस्ट्री के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जाए। जहां भी प्रक्रियात्मक बाधाएं हैं, उन्हें दूर करते हुए परियोजनाओं का काम समय से पूरा किया जाए।
विंध्य एक्सप्रेसवे, मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे तथा पूर्वांचल को जोड़ते हुए वाराणसी तक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही डिफेंस कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड की इकाई का शिलान्यास होगा। इससे पूर्व चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की वित्तीय निविदा का कार्य पूरा कर लिया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी मॉडल लाजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजनाएं प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ेंगी। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मॉडल बिल्डिंग बायलाज को निवेश अनुकूल बनाते हुए शीघ्र लागू करने पर जोर दिया।
ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना शहरी सड़कों को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ में प्रस्तावित विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए लेटर आफ अवार्ड जारी किया जा चुका है, जिसपर सीएम ने इसके शिलान्यास की तैयारी करने के निर्देश दिए। बैठक में स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
