शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार विशेषज्ञ चिकित्साधिकारियों (मेडिकल ऑफिसर स्पेशलिस्ट) को नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) देने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने के साथ स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बढ़ते कैंसर के मामलों को देखते हुए प्रदेश में कैंसर उपचार संस्थानों को मजबूत करने के लिए 800 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही।
विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश
उन्होंने कैंसर देखभाल संस्थानों के भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए। सरकार एआईआईएमएस दिल्ली के स्तर की आधुनिक मशीनरी और उपकरण खरीदने की प्रक्रिया में है, ताकि मरीजों को बेहतर जांच और उपचार सुविधाएं मिल सकें।
मेडिकल प्रशिक्षुओं के एक्सपोजर विजिट की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल विद्यार्थियों और फैकल्टी को विश्वस्तरीय उपचार पद्धतियों से अवगत करवाने के लिए विदेश के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों में एक्सपोजर विजिट करवाने की योजना भी तैयार की जा रही है। साथ ही जीन और मॉलिक्यूलर थेरेपी जैसी नई चिकित्सा तकनीकों की दिशा में भी आगे बढ़ने की योजना है।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, एचपी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
