चंडीगढ़ः हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित “विकसित हरियाणा @2047 के लिए हरियाणा के अपने कर राजस्व को मजबूत करना” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में शिरकत की. सत्र के तुरंत बाद सीएम ने मीडिया से बैठक के संबंध में बातचीत की.
‘हमारी जिम्मेदारी है राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाना’: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कर एवं राजस्व को सुदृढ़ करने पर आयोजित हो रहे राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि “आज यहां नीति निर्माता, कर प्रशासक, अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ एक साथ उपस्थित, हमारी जिम्मेदारी है कि हम हरियाणा के राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाए.”
‘अतिरिक्त कर बोझ डाले बिना वित्तीय क्षमता बढ़ाना लक्ष्य’: उन्होंने कहा कि “इसके लिए हमारा रास्ता स्पष्ट, नागरिकों पर अतिरिक्त कर का बोझ डाले बिना राज्य के वित्तीय क्षमता बढ़ानी है. हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट 2047 में भी हमने कर एवं राजस्व व्यवस्था का लक्ष्य रखा है. आज हरियाणा देश के आर्थिक रूप से सबसे मजबूत राज्यों में शामिल है. उद्योग और सेवा क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा है. यही क्षेत्र प्रदेश के कर एवं राजस्व को बढ़ाने का व्यापक आधार भी है.”
पहले 5 महीने में हरियाणा का SGST संग्रह 29% बढ़ाः उन्होंने कहा कि “वर्ष 2026-27 के पहले 5 महीने में प्रदेश का SGST(State Goods and Services Tax) संग्रह 29% बढ़कर 24662 करोड रुपए हुआ. पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 19174 करोड़ रुपए था. यह देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक वृद्धि और राष्ट्रीय औसत 16% से लगभग दोगुनी है. हरियाणा में भविष्य की मजबूत अर्थव्यवस्था का आधार तेजी से तैयार हो रहा है.”
पानीपत, करनाल और सोनीपत तेजी से हो रहा है विकसितः उन्होंने कहा कि “गन्नौर में बन रही इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट हब एंड स्पोक मॉडल पर आधारित है. हमारा गुरुग्राम ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का प्रमुख केंद्र बन चुका है. पानीपत, करनाल और सोनीपत महत्वपूर्ण वैकल्पिक विकास क्षेत्रों के रूप में उभरे हैं. रेवाड़ी और अन्य औद्योगिक क्षेत्र लॉजिस्टिक्स भंडारण और वीनिर्माण में हरियाणा को मजबूती दे रहे हैं.”
‘नए निवेश राजस्व की संभावनाएं भी लेकर आते हैं’: उन्होंने कहा कि हर नया उद्योग, निवेश और नए उद्यम रोजगार के साथ-साथ नए राजस्व आधार की संभावनाएं भी लेकर आते हैं. पिछले कुछ वर्षों में हमने कर प्रशासन को आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए. हमने कर दाताओं के साथ संवाद बेहतर चलाने के लिए नोटिस और आदेशों की उपलब्धता और सूचना पहुंचाने की व्यवस्था में भी सुधार किया. पुराने लंबित कर विवादों के समाधान के लिए हरियाणा एकबारगी व्यवस्थापन स्कीम 2026 लाई गई.
राजस्व की मूल संरचना को किया जा रहा है मजबूत: उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 की इस योजना का लाभ लगभग 1 लाख 15 हजार व्यापारियों ने उठाया. आज का पहला तकनीकी सत्र कर राजस्व की मूल संरचना को मजबूत करने पर है दूसरा सत्र आंकड़ों के विश्लेषण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य के कर प्रशासन पर केंद्रित होगा. इस सम्मेलन से एक स्पष्ट और सरलता से लागू की जा सकने वाली कार्य योजना की उम्मीद है.
राजस्व व्यवस्था को नागरिक केंद्रित बनाने पर फोकसः उन्होंने कहा कि “राजस्व का उद्देश्य जनता के जीवन में सुधार लाना है. बेहतर सार्वजनिक सेवाएं और बेहतर जीवन यही मजबूत राजस्व व्यवस्था का अंतिम परिणाम होना चाहिए. आज का सम्मेलन हरियाणा की राजस्व व्यवस्था को और अधिक मजबूत आधुनिक पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम का आधार बनेगा.”
भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने वर्चुअली लिया हिस्साः वहीं मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि इस कार्यक्रम में भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी अनंत नागेश्वर भी वर्चुअली जुड़े हुए थे, उन्होंने भी अपना मार्गदर्शन दिया. हमार लक्ष्य स्पष्ट है कि हरियाणा की आर्थिक ताकत बढ़े, विकास के लिए प्रदेश के संसाधन मजबूत हो. उन्होंने इस सम्मेलन को विकसित भारत 2047 के लिए मजबूत कदम बताया.
RGDP के अनुपात में 15 फीसदी करने का लक्ष्यः उन्होंने कहा कि हमने 2030 तक हरियाणा का कर राजस्व सकल घरेलू उत्पाद (RGDP) के 10 प्रतिशत और 2047 तक यह 15 प्रतिशत तक पहुंचे. यह लक्ष्य कारों की दरें बढ़ाकर नहीं किया जाएगा. हमारा लक्ष्य व्यवस्था को बेहतर करके राजस्व बढ़ाने पर जोर देने का है. इसके लिए हम कर नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित करेंगे. कर के दायरे को व्यापक बनाएंगे, तकनीक का अधिक प्रयोग करेंगे. आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण भी करेंगे. राजस्व व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का काम करेंगे.
