देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत और डिजिटल इंडिया के सपनों को साकार करने में भारत सरकार के PRAGATI (प्रो-एक्टिव एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने यह बात शुक्रवार को पत्र सूचना कार्यालय (PIB) देहरादून द्वारा भारत सरकार के प्रगति पोर्टल विषय पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं, योजनाओं और जन शिकायतों की त्वरित समीक्षा एवं समाधान के उद्देश्य से वर्ष 2015 में PRAGATI पोर्टल की शुरुआत की गई थी। यह पोर्टल केंद्र और राज्य सरकारों की प्रमुख परियोजनाओं की निगरानी के साथ-साथ सामने आने वाली समस्याओं के समाधान में भी प्रभावी भूमिका निभा रहा है, जिससे विकास योजनाएं तेजी से धरातल पर उतर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, रेलवे, आईटी, स्वास्थ्य और हवाई सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। वर्तमान में उत्तराखंड में 3.50 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली 42 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। इनमें से 1.22 लाख करोड़ रुपये की 15 हाई-वैल्यू परियोजनाओं की समीक्षा PRAGATI मैकेनिज्म के तहत की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अब तक 10 योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि 32 परियोजनाओं पर तेजी से कार्य प्रगति पर है। इन 32 में से 12 परियोजनाएं PRAGATI पोर्टल के अंतर्गत मॉनिटर की जा रही हैं। इनमें सड़क एवं राजमार्ग की 19 परियोजनाएं, IT/ITES की 3, ऊर्जा उत्पादन की 3, रेलवे की 2 तथा कृषि, उद्योग-वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, अपशिष्ट और जल प्रबंधन से जुड़ी एक-एक परियोजना शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम सड़क परियोजना पर तेजी से कार्य किया गया है। इसी तरह ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन उत्तराखंड की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है, जो पहाड़ी क्षेत्रों और सुदूरवर्ती इलाकों को जोड़ रही है। परियोजना के पूरा होने से पर्यटन और चारधाम यात्रा को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही सामरिक दृष्टि से भी राज्य को मजबूती मिलेगी। मानसून के दौरान मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या से भी लोगों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे ऋषिकेश, हरिद्वार, मसूरी, धनोल्टी और देहरादून आने वाले पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जल विद्युत परियोजनाओं की भी निरंतर समीक्षा PRAGATI पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।
भागीरथी इको-सेंसिटिव ज़ोन के कारण जल विद्युत परियोजनाओं में आ रही चुनौतियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) 2025-26 के तहत उत्तराखंड को ₹734 करोड़ की अतिरिक्त ऋण सहायता तथा शहरी क्षेत्रों में भूमि सुधार के लिए ₹25 करोड़ की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में SASCI योजना के अंतर्गत उत्तराखंड को कुल ₹1,806.49 करोड़ की सहायता प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह वित्तीय सहायता ‘विकसित उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने और इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
