लखनऊ। प्रदेश में सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 10 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। यह धनराशि 50 साल के लिए ब्याजमुक्त ऋण के रूप में मिलेगी।
जैसे-जैसे प्रदेश से प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे वैसे-वैसे यह धनराशि केंद्र सरकार जारी करेगी। राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत यह धनराशि मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए केंद्र सरकार देशभर में विकास कार्यों को गति देने के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की घोषणा की गई है। इससे यूपी में सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, रेलवे नेटवर्क और लाजिस्टिक हब के विस्तार को नई गति मिलेगी।
बेहतर कनेक्टिविटी से माल और यात्रियों की आवाजाही और सुगम होगी। जिससे उद्योगों की लाजिस्टिक लागत घटेगी। केंद्र सरकार के इस कैपेक्स का उद्देश्य आर्थिक विकास को रफ्तार देकर रोजगार सृजन करना और भारत को वैश्विक निवेश का आकर्षक केंद्र बनाना है। चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत राज्य को पांच हजार करोड़ रुपये मिलने हैं। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव अजय चौहान बताते हैं कि एसएएससीआई के चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूपी को पांच हजार करोड़ रुपये मिले मिलने हैं।
केंद्रीय बजट से सेंट्रल रोड फंड (सीआरएफ) और सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (सीआइआरएफ) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य को 1600 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
