रोहतक: केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने हरियाणा के रोहतक और उत्तर प्रदेश के बड़ौत में वर्ल्ड स्किल रिसोर्स लैब स्थापित करने की घोषणा की है. इन लैब में युवाओं को विश्व कौशल प्रतियोगिता के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा.
रोहतक में जाट शिक्षण संस्था में समारोह का आयोजन: दरअसल, केन्द्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी बुधवार को रोहतक पहुंचे और जाट शिक्षण संस्था में आयोजित छोटूराम जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस अवसर पर रोहतक लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी मौजूद रहे. समारोह में शिक्षा और कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया गया.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कौशल विकास: इस दौरान मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कौशल विकास के संबंध में विशेष प्रावधान किए गए हैं. अब शिक्षा और कौशल विकास को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता. इसके तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एम्बेडेड अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम (अंर्तनिहित प्रशिक्षु कार्यक्रम) लॉन्च किया है, जो छात्रों को शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा.”
रिसोर्स लैब से युवाओं को मिलेगा वैश्विक मंच: मंत्री जयंत चौधरी ने आगे कहा कि, “हाल ही में राष्ट्रीय कौशल विकास केंद्र की एक टीम ने जाट शिक्षण संस्था का दौरा कर आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया. इस दौरे के आधार पर रोहतक और बड़ौत में वर्ल्ड स्किल रिसोर्स लैब स्थापित की जाएगी. ये लैब हर दो साल में होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करेंगी. वर्ष 2024 में यह प्रतियोगिता फ्रांस में हुई थी, जबकि एशिया कौशल प्रतियोगिता ताइपे, चीन में आयोजित हुई थी.”
हरियाणा और भारत बन सकते हैं कौशल के केंद्र: जयंत चौधरी ने कहा कि, “हरियाणा देश की कौशल राजधानी और भारत विश्व की कौशल राजधानी बन सकता है. इसके लिए कौशल विकास के क्षेत्र में निवेश और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना होगा. विश्व कौशल प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के युवा अपने कौशल का प्रदर्शन करते हैं, जिससे व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलता है और युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है.”
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल कौशल पर जोर: जयंत चौधरी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल कौशल विकास पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव समाज और शिक्षा के ढांचे पर गहरा असर डाल रहे हैं. उन्होंने किसानों से भी खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने का आह्वान किया और कहा कि परिवर्तन जीवन का हिस्सा है.
किसानों और युवा पीढ़ी के लिए संदेश: केन्द्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने आगे कहा कि, “वर्तमान में खेती और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में नई तकनीक अपनाना आवश्यक है. किसानों की अगली पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करना होगा. उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2030 तक AI से 9 करोड़ नौकरियां कम हो सकती हैं, लेकिन 17 करोड़ नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे.”
कौशल विकास से रोजगार और वैश्विक पहचान: जयंत चौधरी ने कहा कि, “कौशल विकास का लक्ष्य छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है ताकि वे रोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो सकें. उम्मीद है कि वर्ल्ड स्किल रिसोर्स लैब से देश के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और भारत को विश्व की कौशल राजधानी बनाने में योगदान देंगे. शिक्षा और कौशल का तालमेल जरूरी है. छात्रों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उनकी दक्षता बढ़े और रोजगार के अवसर भी बढ़ें. यह लैब युवाओं को कौशल विकास, डिजिटल तकनीक और नवाचार की दिशा में मार्गदर्शन देने का काम करेगी.”
दीपेंद्र हुड्डा ने दिया संस्थान के इतिहास पर प्रकाश: समारोह के दौरान कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने जाट शिक्षण संस्था के इतिहास और अपने पूर्वजों के योगदान का जिक्र किया. उन्होंने मंत्री जयंत चौधरी के परिवार के इस क्षेत्र से जुड़ाव के किस्से भी साझा किए.
शिक्षा और कौशल में निवेश के लिए योगदान:जयंत चौधरी और दीपेंद्र हुड्डा ने मिलकर जाट शिक्षण संस्था को कुल 51 लाख रुपये देने की घोषणा की. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई विधायक और पूर्व मंत्री भी मौजूद रहे, जिनमें राष्ट्रीय लोकदल के प्रसन्न चौधरी, अशरफ अली खान, बलराम दांगी, जस्सी पेटवाड़, सुभाष बतरा और आनंद सिंह दांगी शामिल थे.
ऐसे में रोहतक और बड़ौत में स्थापित होने वाली वर्ल्ड स्किल रिसोर्स लैब युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रशिक्षित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और भारत को कौशल विकास में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है.
