देहरादून। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा पर हमलावर रुख अख्तियार किए हुए है। अब भाजपा भी बहुचर्चित जेनी प्रकरण के आलोक में कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने में जुट गई है।
इसी क्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि जेनी प्रकरण कांग्रेस के शासनकाल में हुआ। तब जेनी ने एक बच्चे को जन्म दिया, ये तथ्य अभी तक छिपा क्यों है। साथ ही सवाल दागते हुए कहा कि वह आरोप नहीं लगा रहे, लेकिन जेनी के बच्चे का बाप कौन है, यह सार्वजनिक होना चाहिए।
भट्ट ने कहा कि उस समय जेनी ने आरोप लगाए तो इसमें कुछ तथ्यात्मक बातें रही होंगी, जो सार्वजनिक होनी चाहिए। तब जेनी ने तत्कालीन मंत्री हरक रावत का नाम लिया था। यह ठीक है कि बाद में डीएनए रिपोर्ट आई और हरक सिंह रावत का कहना है कि वह पाक साफ निकले। उन्होंने कहा कि जेनी तब हरक सिंह रावत के घर में रहती थी। ऐसे में उन्हें पता करना चाहिए था कि जेनी के बच्चे का पिता आखिर कौन है।
भूमि कब्जाने की शिकायत उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी ने शिकायत की और जो व्यक्ति प्रताड़ित होता है, उसे अपनी बात रखने व रिपोर्ट दर्ज करने का अधिकार है। मुकदमा दर्ज करना प्रशासनिक उत्तरदायित्व है।
ऐसे में उस पर जो भी जांच होगी वह शीघ्र सबके सम्मुख आएगी। लेकिन, प्रत्यक्ष रूप से इतने बड़े नेता का नाम अगर आरोपी में आता है, तो यह वास्तव में अपने आप में चिंता का विषय है। यदि इसमें तथ्य नहीं है तो हरक रावत को डरने की क्या जरूरत है।
दिल्ली में हुई कांग्रेस व विपक्ष की रैली से संबंधित प्रश्न पर उन्होंने इसे त्योहारी सीजन में अराजकता फैलाने और अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा बताया। साथ ही कटाक्ष किया कि जो लोग पिछले 15 साल से जनता को अपनी बात समझाने में विफल रहे हों, संसद में हंगामा करने को अपना अधिकार समझते हों, उनसे कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष की यह रैली 1984 के सिख दंगों के जख्मों पर नमक छिड़कने की कोशिश भी है, क्योंकि इन दंगों की आरोपी रही कांग्रेस ही इस रैली की मुख्य आयोजक बनी।
भट्ट पर मानहानि का दावा करें हरक: गोदियाल
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जेनी प्रकरण में पूर्व मंत्री डा.हरक सिंह रावत सीबीआइ कोर्ट से बाइज्जत बरी हुए हैं।
ऐसे में उनकी पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत को यही राय है कि वह भट्ट के खिलाफ मानहानि का दावा ठोकें। उधर, पूर्व मंत्री डा हरक सिंह रावत ने संपर्क करने पर कहा कि वह दिल्ली से देहरादून लौटकर इस मामले में तमाम तथ्यों को सामने रखेंगे।
तथ्यों के साथ सामने आए स्वयं को हरक की पत्नी बताने वाली महिला: दीप्ति
भूमि कब्जाने की शिकायत के आलोक में पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की पत्नी एवं पौड़ी जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष दीप्ति रावत ने भी मोर्चा खोला है। इंटरनेट मीडिया में वीडियो पोस्ट कर दीप्ति रावत ने कहा कि वह और उनका परिवार मानसिक पीड़ा से जूझ रहा है।
एक व्यक्ति कह रहा है कि हरक सिंह रावत की पत्नी ने जमीन हड़पी है, जबकि उन्होंने कोई जमीन नहीं हड़पी है। यदि यह आरोप उन पर नहीं है तो फिर उस महिला को हरक सिंह रावत की पत्नी कहकर क्यों संबोधित किया जा रहा है। यदि ऐसा है तो संबंधित महिला तथ्यों के साथ सामने आए।
