यूपी के फतेहपुर में 21 दिवसीय गो रक्षा धर्म यात्रा पर निकले अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दोआबा क्षेत्र में कहा कि लोग बिजली और पानी जैसे पारंपरिक मुद्दों को छोड़कर गाय के नाम पर वोट दें। जनता उसी दल का समर्थन करे जो गाय को पशु न मानकर ‘गौमाता’ घोषित करने का साहस दिखाए। शंकराचार्य गो-रक्षा धर्म यात्रा पर निकले हुए हैं। उनका काफिला बुधवार को बांदा से होते हुए बहुआ, गाजीपुर, असोथर और किशनपुर के रास्ते आगे बढ़ा।
बहुआ में लोगों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रावण ने साधु का वेश धारण कर सीता का अपहरण किया था, इसलिए केवल वेश देखकर किसी पर विश्वास नहीं करना चाहिए। आज मांस काटने वालों को अधिक संख्या में लाइसेंस दिए जा रहे हैं। इस मौके पर आदित्य नारायण शुक्ला, शिवाकांत तिवारी, उदित अवस्थी, वीरेंद्र तिवारी, चिदानंद शुक्ला, हेमलता पटेल सहित कई लोगों ने उनका स्वागत किया। विजयीपुर, असोथर में भी उनका स्वागत हुआ।
जेबकतरों की चांदी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नगर के झाल तिराहे के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शंकराचार्य के आगमन के दौरान जेबकतरों ने कई श्रद्धालुओं की जेबें काट लीं। पीड़ितों के अनुसार, भीड़ से निकलने के बाद जब उन्होंने अपनी जेबें संभालीं तो उनके होश उड़ गए। कई लोगों के पर्स और नकदी गायब थे।
युवा मुस्लिमों ने सौंपा ज्ञापन
शाह कस्बे में पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य को मुस्लिम युवा समाज के फिरोज खान (एडवोकेट) के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि गौमाता को राष्ट्रमाता और राज्य माता का दर्जा दिया जाए। गाय हमेशा से पूज्य रही है और सभी धर्मों की जिम्मेदारी है कि उसकी रक्षा करें। साथ ही गौ-हत्या करने वालों के लिए कठोर सजा का प्रावधान करने की भी मांग की गई।
